बहरागोड़ा. बहरागोड़ा प्रखंड के खुदपुटली गांव के तोलटोला की जलमीनार चार साल से खराब पड़ी है. विभाग मौन है. जलमीनार खराब रहने से झाड़ियों से घिर गयी है. इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. टोला के 50 परिवार पानी के लिए भटक रहे हैं. टोला का एकमात्र चापाकल भी दम तोड़ने के कगार पर है. दूसरे टोला से पानी लाकर लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं. पशुओं को भी पानी के लिए परेशानी हो रही है. टोला के लोग कई बार जलमीनार की मरम्मत कराने की मांग कर चुके हैं, आजतक पहल नहीं की गयी. लोगों का कहना है कि गर्मी के दस्तक देते ही टोला में पानी की समस्या हो गयी है. एकमात्र चापाकल काफी कम पानी निकल रहा है. जनप्रतिनिधि भी मौन हैं. लोगों ने मांग की है कि जलमीनार की मरम्मत जल्द करायी जाये.
डीप बोरिंग के बाद नहीं निकला पानी, संवेदक ने टंकी व सोलर प्लेट लगाकर छोड़ा
डुमरिया प्रखंड के बाकड़ाकोचा गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत बनी सोलर संचालित जलमीनार संवेदक के लिए आय का जरिया बन गया है. यहां सोलर संचालित जलमीनार के लिए डीप बोरिंग की गयी, लेकिन उसमें पानी नहीं निकला. बावजूद संवेदक ने फ्रेम लगाकर पानी टंकी व सोलर लगा दिया. अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब बोरिंग में पानी ही नहीं निकला, तो सोलर और पानी टंकी लगाने का औचित्य क्या था. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग व संवेदक की मिलीभगत से यह काम किया जा रहा है. संवेदक ग्रामीणों द्वारा पहाड़ के ऊपर से पाइप के सहारे लाये गये पानी की टंकी से जोड़ दिया है. यहां आज तक बोरिंग भी नहीं की गयी. सबमर्सिबल भी नहीं लगाया गया. सोलर भी सिर्फ दिखावे के लिए लगाया गया है.ग्राम प्रधान कुंवर सोरेन ने बताया कि 2023 में नलकूप गाड़ा गया, लेकिन पानी नहीं निकला. बताया गया फिर से बोरिंग की जायेगी. तब तक ग्रामीणों ने जंगल के ऊपर से पाइप से सहारे पानी गांव तक ले आये. विभाग उसी में पाइप जोड़ दिया. बाद में कहा बोरिंग कर सबमर्सिबल लगा दिया जायेगा.
–कोट–
हम डुमरिया में नया योगदान दिये हैं. अभी तक बाकड़ाकोचा नहीं गये हैं. हम स्थल जाकर मामले की जानकारी लेंगे. अगर गड़बड़ी की गयी है तो वरीय पदाधिकारियों को अवगत करायेंगे. जरूरत होगी तो बोरिंग करायी जायेगी.– आलोक राय, कनीय अभियंता, जल स्वच्छता, डुमरिया
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