East Singhbhum News : विधवा मां की मौत से बेसहारा हुए दो बच्चे ग्रामीणों ने चंदा कर किया अंतिम संस्कार

पिता को पहले ही खो चुके थे बच्चे

घाटशिला. घाटशिला प्रखंड की काशिदा पंचायत अंतर्गत ऊपर पावड़ा-गहनडीह स्थित सबर बस्ती में गंभीर बीमारी से जूझ रही 45 वर्षीय विधवा बसंती सबर का बुधवार को निधन हो गया. उनके दो नाबालिग बच्चे अनाथ और बेसहारा हो गये हैं. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बसंती सबर के पति का देहांत पहले हो चुका है. वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं. अब उनके दो बेटे, गुरबा सबर (15 वर्ष) और सुंदर सबर (13 वर्ष) अनाथ हो गये हैं. मासूम बच्चों के सामने अब भविष्य और दो वक्त की रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. अत्यंत गरीबी और लाचारी का आलम यह था कि अंतिम संस्कार के लिए भी परिवार के पास पैसे नहीं थे. मौत की खबर मिलते ही सबर समुदाय के लोग एकजुट हुए और आपस में चंदा इकट्ठा कर कफन व अंतिम संस्कार की सामग्री जुटायी. ग्रामीणों के सहयोग से ही बसंती सबर के शव को उनके घर के समीप दफनाया गया. बच्चों की परवरिश की चिंता : हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी के बावजूद अब तक स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों या किसी स्वयंसेवी संस्था ने पीड़ित बच्चों की सुधि नहीं ली है. ग्रामीण अब सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि इन अनाथ बच्चों के रहने, खाने और पढ़ाई की व्यवस्था की जाए ताकि वे भुखमरी का शिकार न हों.

पंचायत सचिव ने अनाथ बच्चों को दी आर्थिक मदद

घाटशिला. विधवा बसंती सबर के निधन की सूचना पर काशिदा पंचायत सचिव मानिक राम सोलंकी सबर बस्ती पहुंचे. उन्होंने अनाथ हुए दोनों बच्चों को तत्काल आर्थिक सहायता दी और उन्हें सरकारी लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया. पंचायत सचिव ने बताया कि मृतका का अबुआ आवास निर्माणाधीन है, जिसे पूरा कराने के लिए बीडीओ से दिशा-निर्देश लिया जायेगा. साथ ही, उन्होंने सबर समुदाय के लिए जल्द ही विशेष कैंप लगाकर आधार, आयुष्मान और श्रम कार्ड बनाने की घोषणा की ताकि उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. मौके पर राहुल नाथ और मंगल मार्डी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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