जमशेदपुर से कुमार आनंद की रिपोर्ट
East Singhbhum News: शनिवार शाम को आई तेज आंधी और बारिश ने जमशेदपुर शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है. सबसे ज्यादा तबाही घाटशिला विद्युत प्रमंडल में देखने को मिली, जहां जादूगोड़ा, घाटशिला और बहरागोड़ा मिलाकर 50 से अधिक बिजली के पोल और तार टूट गये थे. इस कारण दर्जनों गांवों में शनिवार शाम से लेकर रात तक ब्लैक आउट की स्थिति बनी रही.
जादूगोड़ा में सबसे ज्यादा नुकसान
आंधी का सबसे भीषण असर जादूगोड़ा सब-डिवीजन में दिखा. यहां 11 केवी हाईटेंशन लाइन के 30 से अधिक पोल और तार टूटकर गिर गए. इसके अलावा बहरागोड़ा में 11 अलग-अलग जगहों पर 11 केवी और एलटी लाइन के पोल-तार क्षतिग्रस्त हुए. वहीं, घाटशिला में शहर और ग्रामीण इलाकों में कुल 10 जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गए.
सुरक्षा के लिए ग्रिड और सब-स्टेशन बंद
आंधी शुरू होते ही बिजली विभाग ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से 35 से 45 मिनट तक पावर ग्रिड और पावर सब-स्टेशनों को बंद रखा. आंधी थमने के बाद एक-एक कर आपूर्ति शुरू की गई. हालांकि, ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान के कारण देर रात तक अंधेरा छाया रहा.
बिजली तारों पर गिरे पेड़, इंसुलेटर हुए पंक्चर
एनएच-33 स्थित तुड़ियाबेड़ा में बिजली के तारों पर पेड़ की भारी डाली गिर गई. आदित्यपुर आशियाना के पास डिस्क इंसुलेटर पंक्चर हो गया, जिसे विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद बदला. सरायकेला के गाजिया मेरुडीह और कांड्रा चावला मोड़ के पास भी तारों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति ठप रही.
अधिकारी का बयान
इस मामले में बिजली जीएम, जमशेदपुर एरिया बोर्ड अजित कुमार ने बताया कि तेज आंधी-बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में बिजली के पोल और तार टूटे हैं. रात में ही अलग-अलग टीमों को काम पर लगाया गया है. तारों के ऊपर से गिरी डालियों को हटाने और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है.
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