छाताबाद में हुई भू-धंसान की घटना के विरोध में ईस्ट कतरास आउटसोर्सिंग को बंद कर ग्रामीण धरना पर बैठे हुए है. दूसरी और छाताबाद भू-धंसान के विरोध में छाताबाद से करीब 10 किमी दूर ग्रामीणों का आंदोलन चल रहा है. लगातार सातवें दिन भी बीसीसीएल महेशपुर में संचालित आउटसोर्सिंग का उत्खनन कार्य ठप रहा. अब आंदोलन जेन-जी की तरह फैलने लगा है. कोयला चोरी के खिलाफ लोग मुखर होने लगे हैं.
बैरंग लौटना पड़ रहा मजदूरों को
महेशपुर में संचालित आउटसोर्सिंग का काम बंद होने से तीनों पाली में ड्यूटी के लिए पहुंचे करीब 150 मजदूरों को काम किये बिना ही बैरंग लौटना पड़ा. लगातार छह दिनों से काम बंद रहने से मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है.
मजदूरों का कहना है कि आंदोलन का खामियाजा सीधे उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने हड़ताल के औचित्य पर सवाल उठाया. कंपनी और बीसीसीएल प्रबंधन चाहकर भी उत्पादन शुरू नहीं करा पा रहे हैं. मजदूरों ने कहा कि कंपनी पर निर्भर रहने वाले करीब 150 परिवारों की आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.
गतिरोध दूर करने की उठी आवाज
इधर, आउटसोर्सिंग कंपनी के मुख्य गेट पर प्रबंधन की ओर से नो वर्क-नो पे का नोटिस चस्पा है. काम बंद रहने के कारण मजदूरों बैठे हैं. मजदूरों ने प्रबंधन से अविलंब गतिरोध दूर कर काम शुरू कराने की मांग की है, ताकि उनके परिवारों के सामने उत्पन्न आर्थिक संकट समाप्त हो सके.
