टंडवा में ब्रजेश गंझू का लंबे समय तक रहा दबदबा, कोयला कारोबारियों से लेवी के आरोप; दर्ज थे कई गंभीर मामले

कोयलांचल में कभी टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू का खौफ था, जो कोयला कारोबारियों से लेवी वसूलता था. उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे.

टंडवा. कोयलांचल में टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोगता के नाम का लंबे समय तक दबदबा रहा. कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और अन्य कारोबार से जुड़े लोगों से लेवी वसूली के आरोपों को लेकर उसका नाम सामने आता रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ब्रजेश गंझू के खिलाफ चतरा जिले के टंडवा समेत कई थाना क्षेत्रों में हत्या, रंगदारी, धमकी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज थे.

ब्रजेश गंझू के खिलाफ टंडवा थाना में दर्ज मामलों की संख्या भी काफी अधिक रही है. उपलब्ध विवरण के अनुसार टंडवा थाना में कांड संख्या 2/16, 119/22, 84/14, 29/15, 22/18, 90/18, 11/19, 201/18, 15/21, 31/21, 54/21, 58/21, 60/21, 19/25 और 94/18 समेत कई मामले दर्ज हैं.

कोयला कारोबार से जुड़े लेवी के आरोप

मगध और आम्रपाली कोयला परियोजना से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में भी ब्रजेश गंझू का नाम सामने आया था. एनआइए ने टंडवा थाना में दर्ज कांड संख्या 2/16 को 2018 में टेकओवर किया था. जांच में टीपीसी को कथित अवैध फंडिंग और कोयला ढुलाई के ठेकों व लेवी के जरिए रकम पहुंचाने से जुड़े आरोपों की जांच की गयी थी. इस मामले में ब्रजेश गंझू समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई.

स्थानीय स्तर पर कारोबारियों को धमकी देकर लेवी मांगने के आरोप भी ब्रजेश और टीएसपीसी से जुड़े रहे. पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध रिपोर्टों में कोयला परियोजनाओं से जुड़े कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों से वसूली के आरोपों का उल्लेख मिलता है.

टंडवा में दर्ज मामलों का लंबा रिकॉर्ड

पुलिस दस्तावेज के अनुसार ब्रजेश गंझू के खिलाफ टंडवा के अलावा चतरा के सिमरिया, लावालौंग, पिपरवार, पत्थलगड्डा, गिद्धौर और अन्य थाना क्षेत्रों में भी मामले दर्ज थे. इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, यूएपीए और सीएलए एक्ट जैसी धाराएं शामिल हैं.

20 सितंबर 2026 को प्रकाशित पुलिस रिकॉर्ड आधारित रिपोर्टों में उसके खिलाफ चतरा जिले में 39 से अधिक मामलों का उल्लेख किया गया है. वहीं कुछ रिपोर्टों में विभिन्न थाना क्षेत्रों को मिलाकर 44 मामलों की जानकारी दी गयी है. इसलिए कुल मामलों की संख्या बताते समय संबंधित पुलिस रिकॉर्ड या केस सूची को आधार बनाना जरूरी है.

मुठभेड़ में मौत के बाद कारोबारियों में राहत की चर्चा

ब्रजेश गंझू के मारे जाने के बाद कोयलांचल के कारोबारियों के बीच राहत की चर्चा है. हालांकि, यह कहना कि सभी कारोबारी भयमुक्त हो गये हैं या क्षेत्र में लेवी पूरी तरह खत्म हो गयी है, अभी जल्दबाजी होगी.

ब्रजेश की मौत के बाद टीएसपीसी के नेटवर्क और कोयलांचल में उसकी गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है. सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही संगठन के खिलाफ कार्रवाई करती रही हैं. ब्रजेश के खिलाफ झारखंड सरकार ने 25 लाख और एनआइए ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.

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By Dinbandhu thakur

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