चतरा. जिला मुख्यालय में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जिला कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर कमेटी सह समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चंद्रदेव गोप ने की. बैठक में चतरा लोकसभा प्रभारी भीम कुमार, सह प्रभारी कुमार महेश सिंह, जिला कांग्रेस प्रभारी सह झारखंड प्रदेश कांग्रेस महासचिव केदार पासवान, सिमरिया विधानसभा प्रभारी रविंद्र राम और चतरा विधानसभा प्रभारी दीपक पासवान विशेष रूप से मौजूद रहे.
दिवंगत नेताओं को दी गयी श्रद्धांजलि
बैठक की शुरुआत जिले के दिवंगत कांग्रेस नेताओं पांडेय रामदयाल, साबिर हुसैन, ठाकुर प्रसाद कसेरा, जाबिर हुसैन साहेब, सरदार प्रताप, शिव भगत सिंह, बाबूलाल नायक, सुल्तान मियां और ब्रह्मदेव पासवान को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धासुमन अर्पित किया.
नवचयनित कमेटी की कार्यकारिणी की पहली बैठक में उपस्थित सदस्यों और पदाधिकारियों का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया.
26 सितंबर के कार्यक्रम को लेकर बनी रणनीति
बैठक में 26 सितंबर को रांची के लोकभवन के समक्ष खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में प्रस्तावित कांग्रेस के कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा की गयी. प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे पर 26 सितंबर को लोकभवन मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है.
बैठक में चतरा जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रखंडवार प्रभारी नियुक्त किये गये. ये प्रभारी अपने-अपने प्रखंडों में समन्वय कर कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे.
प्रखंडों में भी धरना-प्रदर्शन का निर्णय
जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में 5 से 10 अक्टूबर तक जिले के सभी प्रखंडों में खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम के विरोध में धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया.
बैठक का संचालन जिला प्रवक्ता प्रमोद कुमार त्रिवेदी ने किया. मौके पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस की सचिव आभा ओझा, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमित कुमार, एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष हर्षित चित्रांश, ओबीसी जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार साहू, अनुसूचित प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सुबेश राम, सेवादल जिलाध्यक्ष राजन पांडेय, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कमल कुमार केशरी, ओमप्रकाश पाठक, प्रेमरंजन पासवान, अनिल सिंह, प्रदीप साहू, रविंद्र सिंह, सुनील कुमार सिंह, सचिन पासवान, संतोष कुमार केशरी, रामाधीन यादव और महाबीर दांगी समेत कई लोग मौजूद थे.
