Chaibasa News : आश्वासन के बाद भी छंटनीग्रस्त मजदूरों को सेल में नहीं मिला काम, वापस लौटे

मनोहरपुर. 20 दिसंबर को विधायक, उपायुक्त व सेल की ठेका कंपनी के बीच हुई थी वार्ता

मनोहरपुर/चिरिया.

मनोहरपुर की चिरिया ओर माइंस से छंटनीग्रस्त मजूदरों को 20 दिसंबर को उपायुक्त की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी. इसमें हुए समझते के बाद विधायक जगत माझी ने 1 जनवरी से सभी मजदूरों को काम पर लौटने का आश्वासन दिया था. इसे सेल और ठेका प्रबंधन ने मानने से इंकार कर दिया. गुरुवार से काम करने गये मजदूरों को बैरंग लौटा दिया गया. गौरतलब हो कि तीन माह से छंटनी हो चुके चिरिया माइंस के 245 ठेका मजदूर काम को लेकर लगातार जद्दोजहद कर रहे हैं.

पत्नी और बच्चे के साथ आंदोलन करेंगे ठेका मजदूर

विधायक की घोषणा से गुरुवार को सैकड़ों मजदूर सुबह छह बजे से चिरिया स्थित ठेका कंपनी एनएसआइपीएल कार्यालय हाजिरी बनाने पहुंचे. यहां ठेका कंपनी से काम देने की मांग की. ठेका कंपनी के कार्यालय प्रभारी अनन्य पांडे ने सभी मजदूरों को यह कहकर वापस कर दिया कि उनको किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है. इसके बाद सभी मजदूर निराश होकर सेल कार्यालय पहुंचे. वहां से भी निराशा हाथ लगी. मजदूरों के बीच ठेका कंपनी एनएसआइपीएल और सेल प्रबंधन के विरुद्ध आक्रोश देखने मिला. आक्रोशित मजदूरों ने नया साल का पहला दिन होने की वजह से संयम रखा. मजदूरों ने बताया कि पत्नियां और बच्चों के साथ आंदोलन शुरू होगा. हमलोगों को काम नहीं मिलेगा तो किसी को काम नहीं करने दिया जायेगा.

मजदूरों को बेरोजगार नहीं होने देंगे : जगत माझी

विधायक जगत माझी ने इस मामले को संज्ञान में लिया. यूनियन के नेताओं, मजदूरों और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया. विधायक के प्रयास से 20 दिसंबर को जिला समाहरणालय में उपायुक्त की मौजूदगी में सेल प्रबंधन की ठेका कंपनी एनएसआइपीएल और विभिन्न यूनियन नेताओं की संयुक्त बैठक करायी. काफी विचार विमर्श के बाद विधायक ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि 1 जनवरी से मजदूरों को काम मिलेगा. विधायक जगत माझी ने प्रभात खबर को बताया कि मजदूर हमारे लिए सर्वोपरि हैं. मजदूरों को काम नहीं मिलेगा तो कोई काम नहीं करेगा. शुक्रवार को अंतिम अल्टीमेटम दिया जायेगा. अगर सेल इसके अनुरूप मजदूरों को काम नहीं देती है, तो सेल के अधिकारियों को भी नहीं घुसने दिया जायेगा. हम खुद चिरिया आकर सेल गेट का ताला बंद करेंगे. कुछ लोगों के कारण मजदूरों को बेरोजगार करने की साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

22 अक्तूबर से 245 ठेका मजदूरों का काम रोका

जुलाई में चिरिया लोह अयस्क खदान के साइडिंग पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण मेसर्स एनएसआइपीएल अपने अधीनस्थ 245 ठेका मजदूरों की छंटनी के लिए भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के समक्ष आवेदन दाखिल किया था. सुनवाई में ठेका कंपनी के पक्ष में फैसला आया और 22 अक्तूबर से 245 ठेका मजदूरों को काम से बैठा दिया गया. वर्तमान में टूटे पुल को बना लिया गया है. इसके बावजूद मजदूरों की वापसी नहीं होने से पूरी तरह से टूट गये हैं.मौके पर मजदूरों में लाल समद, घनश्याम हरिजन, चरकू पान, कर्मु लकवा, अर्जुन तांती, विजय टूटी, जगमोहन सांडिल, जूरा टूटी, लबदन लोहार, बिरसा बिनझिया, बुधराम बोयपाई, ज्योतिष टोपनो, रामेश्वर तांती समेत सैकड़ों मजदूर मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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