Chaibasa News : डिजिटल युग में शिक्षकों की भूमिका अहम

शिक्षकों को नवाचार, समझाने की कला व जिम्मेदारी के साथ शिक्षण को परिवर्तित करने की आवश्यकता

चाईबासा/ गुवा.

शिक्षकों में पेशेवर दक्षता बढ़ाने व नयी शिक्षा नीति से प्रशिक्षण देने के लिए झारखंड एल जोन (जमशेदपुर संभाग) ने 185 शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय क्षमता संवर्द्धन कार्यशाला आयोजित की है.

डीएवी एनआइटी आदित्यपुर में 3 जनवरी से 5 जनवरी तक कार्यशाला चलेगी. प्रशिक्षण में डीएवी गुवा, डीएवी चिरिया, डीएवी झींकपानी, डीएवी बहरागोड़ा, डीएवी नोवामुंडी व डीएवी एनआइटी के शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए. क्षेत्रीय सहायक रीजनल ऑफिसर (एआरओ) रेखा कुमारी ने कहा कि बदलते परिवेश और डिजिटल युग में शिक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है. शिक्षकों को नवाचार, समझाने की कला व जिम्मेदारी के साथ शिक्षण को परिवर्तित करने की आवश्यकता है.

अलग-अलग विषयों के शिक्षकों को अलग-अलग कक्षाओं पर वर्गीकृत कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कार्यशाला की मॉनिटरिंग डीएवी चिरिया के डॉ शिवनारायण सिंह, डीएवी बहरागोड़ा से मुकेश कुमार, डीएवी झींकपानी से विवेकानंद घोष, डीएवी गुवा से माधवी पांडे व डीएवी नोवामुंडी से प्रशांत कुमार भुईयां कर रहे हैं. मास्टर ट्रेनरों में कौशिक चटर्जी, अशोक कुमार खुण्टिया, देवब्रत चक्रवर्ती, अभय कुमार सिन्हा, सुधा रानी व जे रामा आदि शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By ATUL PATHAK

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