चाईबासा. चाईबासा के गितिलपी मौजा स्थित सिंहपोखारिया गांव में रविवार को ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें पारंपरिक पर्व-त्योहारों पर निर्णय हुए. बताया गया कि 25 जनवरी को पहला बोडबोंजी बोंगा का आयोजन होगा. वहीं, 15 फरवरी को दूसरा बोडबोंजी बोंगा मनाया जाएगा, 18 को अनादर बोंगा का आयोजन होगा. वहीं 25 फरवरी को मागे पर्व पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाने का निर्णय लिया.
मागे पर्व के लिए घरों से चंदा जुटाने का निर्णय :
मागे पर्व के लिए चंदा जुटाने की सहमति बनी. गांव के प्रत्येक घर से 50 रुपये व दूसरे गांव के लोग जो गितिलपी में घर बनाकर रह रहे हैं, उनसे 100 रुपये प्रति घर चंदा लिया जायेगा. निर्णय लिया कि मागे पर्व के दौरान डीजे बॉक्स या म्यूजिक सिस्टम बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा. ग्रामीणों ने एकजुटता के साथ पर्व को शांतिपूर्ण एवं परंपरागत तरीके से मनाने का संकल्प लिया. बैठक में सातारी सावैयां, नरेंद्र सावैयां, बाबलू सावैयां, ग्रामीण डाकुवा रंजन मुन्दुईया, राज दास, निशांत सावैयां, आंथोनी सावैयां, टार्जन मुन्दुईया, सालेन दास व बीरबल सावैयां आदि उपस्थित रहे.मतकमहातु व कमारहातु में मागे पर्व 27 फरवरी को
चाईबासा. सदर प्रखंड के मतकमहातु और कमारहातु गांवों का संयुक्त मागे पर्व आगामी 27 फरवरी को मनाया जायेगा. इस संबंध में रविवार को मतकमहातु में दोनों गांवों की संयुक्त ग्रामसभा हुई. बैठक में मुख्य दियुरी चंद्रमोहन देवगम की सहमति के बाद पर्व की तिथि निर्धारित की गयी. इसके तहत 18 फरवरी को बोड़ोबोंजी, 22 को अनादेर, 23 को गाउमहरा, 25 को ओतेइली एवं गोंवाबोंगा, 26 को गुरि पोरोब, 27 को मारंग पोरोब, 28 को जातरा व 29 फरवरी को हरमगेया आयोजित होगी. इस अवसर पर मतकमहातु ग्राम मुंडा धनुर्जय देवगम, कमारहातु ग्राम मुंडा बिरसा देवगम, सोमाय देवगम, सोनाराम देवगम, कृष्णा देवगम, धर्मदास देवगम, गोपाल देवगम, मधुसूदन देवगम, नारायण देवगम, तुराम देवगम, वीर सिंह गोप, चोकरो देवगम, बोयो गागराई, डोबरो देवगम, चाहत देवगम, नारंगा देवगम, विक्रम देवगम उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
