चक्रधरपुर.
चक्रधरपुर प्रखंड के पोटका स्थित संताल बस्ती में शुक्रवार को पेसा अधिनियम के तहत पहली ग्रामसभा की गयी. ग्रामसभा में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं. ग्रामसभा की अध्यक्षता लांगो माझी ने की. ग्रामसभा में संविधान के अनुच्छेद 243 जेड-सी का हवाला देते हुए वार्ड संख्या 21 एवं 22 के अंतर्गत आने वाले पोटका, इचिंडा समेत कुल 27 मौजा को नगर परिषद क्षेत्र से बाहर रखने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. ग्रामीणों का कहना था कि इन गांवों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक संरचना पेसा के तहत ग्रामसभा आधारित स्वशासन से जुड़ी है. ऐसे में नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने से संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा.ग्रामसभा में विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किये गये. इसमें श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण, कृषि कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए सिंचाई की व्यवस्था, सामुदायिक भवन का निर्माण तथा पोटका की संताल बस्ती में जर्जर सड़कों की मरम्मत शामिल हैं. ग्रामीणों ने इन प्रस्तावों के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग रखी.मौके पर सांसद जोबा माझी ने कहा कि पेसा अधिनियम आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा को सर्वोच्च अधिकार देता है. उन्होंने ग्रामसभा में पारित सभी प्रस्तावों पर अपनी सहमति व्यक्त की. साथ ही पोटका, इचिंडा समेत 27 गांवों को नगर परिषद क्षेत्र से बाहर रखने के प्रस्ताव पर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखेंगी. इस मौके पर छोटे लाल माझी, मोतीलाल मुर्मू, नंदू माझी, लाल माझी, लखन माझी, देवराज मुर्मू, सुखलाल मुर्मू, बिष्टूम बेसरा, सुनीता माझी, कुनी माझी मौजूद थे.
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