चाईबासा.
टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से शनिवार को शेयरहोल्डर किसानों के बीच मसकल किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड के माध्यम से व्यावसायिक स्तर पर अंडा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए काकी कैंबल नस्ल की बतखों का वितरण किया गया. किसानों का कहना था कि झारखंड, विशेषकर कोल्हान प्रमंडल में अंडे के व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं. फिलहाल इस क्षेत्र में अंडा उत्पादन मांग के अनुपात में काफी कम है, जिसके कारण अधिकतर दुकानदारों को ओडिशा जैसे बाहरी राज्यों से अंडे आयात करने पड़ते हैं. किसानों ने कहा कि यदि संस्थाओं की ओर से सतत प्रशिक्षण, तकनीकी सलाह और सहायता मिलती रहे, तो निकट भविष्य में यह क्षेत्र अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकता है. इस अवसर पर संस्था की ओर से प्रेम अग्न सुंडी मुख्य रूप से उपस्थित थे.इन किसानों को मिला बतख
लेबेया सुंडी, जगदीश सुंडी, गंगाराम सुंडी, बेंजामिन सुंडी, दीपक सुंडी, दशरथ देवगम, प्रेमनाथ देवगम, रवि सुरीन, वीर विक्रम सिंह बोयपाई, चंद्र मोहन बोयपाई, सनी सुंडी, आशा सुंडी, श्याम बोयपाई, बिरजू सुंडी, कल्याण बोयपाई, महती बोयपाई, भगवान बोयपाई और डाकुवा बोयपाई शामिल थे.
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