चाईबासा.
कोल्हान विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग में सोमवार को “सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड द रोल आफ ट्राइबल सोसायटी ” पर व्याख्यान का आयोजन किया गया. इसमें झारखंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड की प्रसिद्ध मानवशास्त्र सह मुख्य वक्ता डॉ सीमा ममता मिंज को गुलदस्ता व शाॅल देकर स्वागत किया गया. मौके पर डॉ सीमा ने सतत समेकित विकास में जनजातीय संस्कृति, समाज व दर्शन के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताया. डीन, फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस सह विभागाध्यक्ष डॉ परशुराम सियाल ने जनजातीय समाज में पाये जाने वाले सामाजिक सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में सतत विकास की रूपरेखा को सामने रखा. स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो शिव कुमार सिंह ने समाजशास्त्र के वर्तमान समय में सतत विकास पर विस्तार से चर्चा की. स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग के डॉ संजय झा ने वैश्विक स्तर के साथ झारखंड व कोल्हान क्षेत्र में जनजातियों की स्थिति तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट को लेकर विस्तार से चर्चा की. विशेषकर, पर्यावरण, गरीबी, लैंगिक असमानताएं, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक के साथ साथ 2030 तक के लक्ष्य को सामने रखा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
