नोवामुंडी.
करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित सोलर जलमीनारें लोगों को राहत देने के बजाय अब परेशानी की सबब बन गयी हैं. नोवामुंडी बाजार स्थित टाटा स्टील मेन हॉस्पिटल के समीप लगी जलमीनार पिछले चार महीनों से बंद है. इसी तरह कोल्हान हाटिंग काली पूजा पंडाल के पीछे और प्रखंड परिसर में स्थापित मीनार भी लंबे समय से ठप हैं. इन स्थानों पर पानी की किल्लत से स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. फूल बागान क्षेत्र में एमएफटी फंड से निर्मित जलमीनार भी छह महीनों से खराब है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है. सबसे गंभीर स्थिति तोड़े टोपा बस्ती की है, जहां जलमीनार खड़ी कर दी गयी, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है. ग्रामीणों का आरोप है कि बोरिंग के लिए खोदे गये गड्ढे में ईंट और पत्थर भर दिये गये. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पूरे नोवामुंडी प्रखंड में जलमीनारों की लगभग यही स्थिति है. लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सभी जलमीनारों की शीघ्र मरम्मत की जाये. नहीं , तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. हमलोग काफी दिनों से जलमीनार की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
