चाईबासा.
सदर (चाईबासा) प्रखंड की आयता ग्रामीण जलापूर्ति योजना 7-8 साल से अधूरी है. वर्ष 2019 में 65 करोड़ रुपये की लागत शुरू हुई योजना 2023 में पूरा करना का लक्ष्य था. यह जनवरी 2026 तक पूरी नहीं हो सकी है. हालांकि, विभाग दावा है कि मार्च, 2026 में पूरा हो जायेगा. योजना पूरी नहीं होने से गांवों में जल संकट है. ग्रामीणों को काफी दूर जाकर चापाकलों व सोलर चालित टंकी से पानी लाना पड़ रहा है.योजना से 17 हजार घरों में पाइप से पहुंचाना है पानी
गौरतलब हो कि योजना से पंचायत के 35 गांवों के 17 हजार घरों में पाइपलाइन से पानी पहुंचाना है. दरअसल, दर्जनों गांव के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से समस्या को दूर करने की गुहार लगायी थी. इसके बाद वर्ष 2019 में योजना की शुरुआत की गयी थी. लोगों में आस जगी थी कि जल्द पेयजल संकट से छुटकारा मिल जायेगा.कार्य शुरू होते ही निर्माण स्थल पर पानी भरने से हुई देर
ज्ञात हो कि 65 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2019 में आयता गांव के पास कुजू नदी तट पर योजना शुरू की गयी. योजना से आयता पंचायत के डिलियामिर्चा, अचू बुरुजोल व अमिता सहित दर्जन भर गांवों में जलापूर्ति होनी थी. हालांकि, बारिश के समय काम शुरू करने से निर्माण स्थल पर पानी भर गया था. इससे परेशानी बढ़ गयी थी. इसके बाद योजना से आचू गांव में जलमीनार बनायी गयी. योजना पूर्ण नहीं होने से जलमीनार सूखी है.डीएमएफटी से मिली थी योजना को स्वीकृति
हालांकि, विभाग का दावा है कि योजना को मार्च, 2026 तक पूरा कर लिया जायेगा. विदित हो कि डीएमएफटी के तहत 94 करोड़ की लागत से आयता (65 करोड़) और पुराना चाईबासा पंचायत (29 करोड़) के गांवों में योजना स्वीकृत हुई थी. इसमें पुराना चाईबासा के 700 घरों में पेयजल पहुंच रहा है. आयता में काम धीमा रहने के कारण अबतक योजना अधूरी है.आयता पंचायत में पाइप लाइन से पानी उपलब्ध कराने की योजना अबतक पूरी नहीं हो सकी है. इसका रिव्यू जिला से लिया जा रहा है. हालांकि, पुराना चाईबासा में पिछले साल योजना पूरी कर ली गयी थी. –
बिनोद कुमार
, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पश्चिमी सिंहभूमडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
