लगभग पांच वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े 15 वर्षीय किशोर बैजुन किस्कू (परिवर्तित नाम) को गुरुवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की पहल पर उसकी मां से मिला दिया गया. लंबे समय बाद बेटे को सामने देखकर मां भावुक हो उठी. कैंप-दो स्थित कार्यालय में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद किशोर को उसकी मां चांदनी मुर्मू के सुपुर्द कर दिया गया.
वर्ष 2021 में घर से लापता हो गया था किशोर
जानकारी के अनुसार बैजुन किस्कू मार्च 2021 में अपने घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. उसके पिता सूरज किस्कू और पूरा परिवार असम के विश्वनाथ जिले में रहता है. बेटे के अचानक गायब हो जाने के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका. बाद में स्थानीय थाना में उसके लापता होने की सूचना भी दर्ज करायी गयी.
काउंसलिंग से मिली परिवार की जानकारी
कई वर्षों बाद किशोर बोकारो पहुंच गया. इसके बाद सीसीआई बोकारो और सहयोग विलेज की टीम ने उसकी पहचान और परिवार का पता लगाने का प्रयास शुरू किया. लगातार काउंसलिंग और संवाद के माध्यम से किशोर से मिली जानकारी के आधार पर उसके परिवार तक पहुंचने में सफलता मिली.
असम प्रशासन से समन्वय के बाद हुआ सत्यापन
किशोर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए असम के विश्वनाथ जिले के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक सत्यापन कराया गया. सभी दस्तावेजों और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद परिवार से संपर्क स्थापित किया गया. इसके बाद किशोर की मां बोकारो पहुंची.
कई संस्थाओं के प्रयास से संभव हुआ पुनर्मिलन
सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष लीला देवी के नेतृत्व में पूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की गयी. बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), सीसीआई बोकारो, सहयोग विलेज और अन्य संबंधित अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से किशोर को उसकी मां से मिलाया गया.
पुनर्मिलन के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला और परिवार ने सभी संबंधित संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
