बोकारो से राकेश वर्मा की रिपोर्ट
Bokaro Power Plant Shutdown: बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले ‘ए’ पावर प्लांट की यूनिट ऐश पौंड से छाई का उठाव नहीं हो पाने के संकट के कारण एक बार फिर अंधेरे में डूब गई है. शुक्रवार की मध्य रात्रि लगभग सवा बारह बजे यूनिट को पूरी तरह बंद कर दिया गया. बंद किए जाने के समय यूनिट से 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था.नूरी नगर स्थित दोनों ऐश पौंड के पूरी तरह भर जाने और पिछले 28 फरवरी से छाई का उठाव ठप होने के कारण प्रबंधन के पास यूनिट बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था.
28 फरवरी से छाई का उठाव बंद
बताया जाता है कि छाई का उठाव करने वाली कंपनी ‘सारण’ द्वारा हाईवा मालिकों को पिछले दो महीनों की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है. इससे नाराज हाईवा मालिकों ने 28 फरवरी से छाई उठाव का काम पूरी तरह बंद कर दिया था. हालांकि, डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने इस गतिरोध के पीछे होली की छुट्टियों को भी एक कारण बताया था. गौरतलब है कि इससे पहले भी बेरमो विधायक कुमार जयमंगल के नेतृत्व में बेरमो हाईवा एसोसिएशन और विस्थापितों द्वारा 15 जुलाई से किये गये आंदोलन के कारण साढ़े तीन महीनों तक उठाव बंद रहा था.
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2019 जैसी त्रासदी की आहट
2019 जैसी त्रासदी की आहट-ऐश पौंड में अब तिल धरने की भी जगह नहीं बची है. प्रबंधन द्वारा पौंड में छाई की अस्थायी दीवारें बनाकर छाई को जमा कर रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खतरा बरकरार है.यदि राख का दबाव बढ़ा तो सितंबर 2019 जैसी घटना दोहराई जा सकती है, जब ऐश पौंड टूटने से भारी तबाही हुई थी और एनजीटी ने डीवीसी पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया था. यूनिट बंद होने से डीवीसी को प्रतिदिन लगभग 6 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा और झारखंड के अलावा पंजाब, दिल्ली और कोल इंडिया को की जाने वाली बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी.मांग पूरी करने के लिए डीवीसी को अब बाहर से महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी.
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