बोकारो थर्मल में बिजली उत्पादन ठप, झारखंड समेत कई राज्यों में नहीं मिलेगी बिजली

Bokaro Power Plant Shutdown: बोकारो थर्मल में डीवीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले ए पावर प्लांट की यूनिट ऐश पौंड भरने और छाई उठाव बंद होने के कारण बंद कर दी गई है. इससे झारखंड समेत कई राज्यों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और डीवीसी को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

बोकारो से राकेश वर्मा की रिपोर्ट

Bokaro Power Plant Shutdown: बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले ‘ए’ पावर प्लांट की यूनिट ऐश पौंड से छाई का उठाव नहीं हो पाने के संकट के कारण एक बार फिर अंधेरे में डूब गई है. शुक्रवार की मध्य रात्रि लगभग सवा बारह बजे यूनिट को पूरी तरह बंद कर दिया गया. बंद किए जाने के समय यूनिट से 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था.नूरी नगर स्थित दोनों ऐश पौंड के पूरी तरह भर जाने और पिछले 28 फरवरी से छाई का उठाव ठप होने के कारण प्रबंधन के पास यूनिट बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था.

28 फरवरी से छाई का उठाव बंद

बताया जाता है कि छाई का उठाव करने वाली कंपनी ‘सारण’ द्वारा हाईवा मालिकों को पिछले दो महीनों की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है. इससे नाराज हाईवा मालिकों ने 28 फरवरी से छाई उठाव का काम पूरी तरह बंद कर दिया था. हालांकि, डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने इस गतिरोध के पीछे होली की छुट्टियों को भी एक कारण बताया था. गौरतलब है कि इससे पहले भी बेरमो विधायक कुमार जयमंगल के नेतृत्व में बेरमो हाईवा एसोसिएशन और विस्थापितों द्वारा 15 जुलाई से किये गये आंदोलन के कारण साढ़े तीन महीनों तक उठाव बंद रहा था.

इसे भी पढ़ें: 50,000 रुपये घूस ले रहे थे इंजीनियर साहब, सीबीआई ने मार दिया छापा! चले गए जेल

2019 जैसी त्रासदी की आहट

2019 जैसी त्रासदी की आहट-ऐश पौंड में अब तिल धरने की भी जगह नहीं बची है. प्रबंधन द्वारा पौंड में छाई की अस्थायी दीवारें बनाकर छाई को जमा कर रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खतरा बरकरार है.यदि राख का दबाव बढ़ा तो सितंबर 2019 जैसी घटना दोहराई जा सकती है, जब ऐश पौंड टूटने से भारी तबाही हुई थी और एनजीटी ने डीवीसी पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया था. यूनिट बंद होने से डीवीसी को प्रतिदिन लगभग 6 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा और झारखंड के अलावा पंजाब, दिल्ली और कोल इंडिया को की जाने वाली बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी.मांग पूरी करने के लिए डीवीसी को अब बाहर से महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी.

इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर की सड़कों पर अब मनमाने तरीके से नहीं दौड़ेंगे ऑटो, जल्द बनेगा रूट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >