सुपौल में शिक्षक कृष्णदेव रजक को विदाई, बोले वक्ता- शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते

Teacher Retirement News: प्रतापगंज के सुमरीत कन्या मॉडल विद्यालय में भावुक माहौल. सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक कृष्णदेव रजक को दी गई सम्मानजनक विदाई. शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने उनके योगदान को बताया प्रेरणादायी.

प्रतापगंज (सुपौल) से सरोज कुमार महतो की रिपोर्ट

Teacher Retirement News: सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड स्थित सुमरीत कन्या मॉडल विद्यालय में रविवार को आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह भावनाओं, सम्मान और प्रेरणादायी संदेशों का साक्षी बना. प्रधानाध्यापक सह डीडीसी पद से सेवानिवृत्त हुए शिक्षक कृष्णदेव रजक को शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, छात्राओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सम्मानपूर्वक विदाई दी. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक भले ही सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएं, लेकिन उनके ज्ञान, संस्कार और योगदान की विरासत कभी समाप्त नहीं होती.

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह का शुभारंभ सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक माहौल बना रहा और उपस्थित लोगों ने कृष्णदेव रजक के शैक्षणिक जीवन और योगदान को याद किया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक अमोला कुमारी ने की, जबकि मंच संचालन अरुण फरकार ने किया.

“एक युग का अंत, लेकिन प्रेरणा का नहीं”

समारोह को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त बीईओ नंदकिशोर सिंह ने कहा कि कृष्णदेव रजक की सेवानिवृत्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षा जगत के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन है. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक अपने कार्यकाल से कहीं अधिक अपनी सोच, मूल्यों और विद्यार्थियों पर छोड़े गए प्रभाव के कारण याद रखा जाता है.

पूर्व प्रमुख रमेश प्रसाद यादव ने कहा कि शिक्षक वास्तव में कभी सेवानिवृत्त नहीं होते. उनका अनुभव, मार्गदर्शन और समाज के प्रति समर्पण जीवनभर लोगों को दिशा देता रहता है.

निष्ठा और समर्पण ही बनती है पहचान

सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक नागेश्वर बिराजी ने कहा कि नौकरी के साथ ही सेवानिवृत्ति की तिथि तय हो जाती है, लेकिन किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके कार्य, ईमानदारी और समर्पण से बनती है. उन्होंने कृष्णदेव रजक के कार्यकाल को अनुकरणीय बताते हुए उनके योगदान की सराहना की.

अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न देकर किया सम्मानित

समारोह के दौरान कृष्णदेव रजक को अंगवस्त्र, पुस्तक, बुके और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया. उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय जीवन की कामना की.

इस अवसर पर शिवनारायण यादव, डॉ. अजय कुमार यादव, राजीव कुमार, हरि तेथवार, मोहम्मद फारूक बाबू और नंदकिशोर कुशियैत सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे. कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

Also Read: यूरोप ट्रिप से लेकर महंगे गिफ्ट तक, टेंडर घोटाला मामले में एक्शन, IAS योगेश और अभिलाषा सस्पेंड

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >