वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट.
Supaul News: भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एसएसबी को बड़ी सफलता मिली है. 45वीं बटालियन के जवानों ने सतना बीओपी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए नेपाली नंबर प्लेट वाली एक बोलेरो कैंपर से 1733.6 किलोग्राम गांजा बरामद किया है. हालांकि तस्कर बारिश और घने अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे. बरामद गांजे की इतनी बड़ी खेप ने सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
गुप्त सूचना पर बिछाया गया था जाल
एसएसबी पूर्णिया रेंज के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने बताया कि सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना मिलने के बाद विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान सतना बीओपी क्षेत्र के धत्ता टोला के पास नेपाली नंबर प्लेट वाले एक संदिग्ध वाहन की गतिविधियां सामने आईं.
जवानों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की. अधिकारियों के अनुसार चालक ने एसएसबी कार्मिकों को कुचलने का भी प्रयास किया, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी.
47 बोरों में छिपा था तस्करी का बड़ा खेल
जवानों की तत्परता के कारण वाहन को रोक लिया गया, लेकिन भारी बारिश और अंधेरे का लाभ उठाकर चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए. जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें रखे 47 प्लास्टिक बोरों से कुल 1733.6 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ.
एसएसबी ने तस्करी में प्रयुक्त नेपाली नंबर प्लेट वाली बोलेरो कैंपर, जिसका नंबर को. 1 ज 2721 बताया गया है, को भी जब्त कर लिया है. इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी को सीमा क्षेत्र में हाल के वर्षों की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है.
सीमा पार नेटवर्क की तलाश में जुटी एजेंसियां
मामले की जांच वीरपुर पुलिस को सौंप दी गई है. फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. साथ ही नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के साथ भी जानकारी साझा की गई है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें.
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था.
तस्करों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
एसएसबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा. अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र को तस्करी मुक्त बनाने के लिए निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है.
1733 किलो से अधिक गांजे की इस बरामदगी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीमा पर तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और बड़े नेटवर्क पर उनकी नजर बनी हुई है.
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