विकास कुमार की रिपोर्ट, सुपौल.
Supaul News: जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल में बुनियादी जांच सेवाएं ठप होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. पिछले दो दिनों से अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन खराब रहने के कारण सैकड़ों मरीज बिना जांच कराए लौट रहे हैं. इससे इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है.
गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी
मंगलवार को प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) दिवस होने के कारण बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंचीं. इनमें कई महिलाएं दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आई थीं. लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन खराब रहने के कारण उनकी आवश्यक जांच नहीं हो सकी.
घंटों इंतजार के बाद कई महिलाओं को निराश होकर घर लौटना पड़ा. परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाएं नहीं मिलने से बार-बार निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.
इलाज पर पड़ रहा सीधा असर
चिकित्सकों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है. इसके माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति, विकास और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिलती है. मशीन खराब रहने से समय पर जांच नहीं हो पा रही है, जिससे महिलाओं की चिंता बढ़ गई है.
वहीं एक्स-रे सेवा बंद रहने से दुर्घटना में घायल मरीज, हड्डी रोग से पीड़ित लोग और सीने से संबंधित बीमारियों की जांच कराने पहुंचे मरीज भी प्रभावित हो रहे हैं.
निजी जांच केंद्रों का सहारा लेने को मजबूर मरीज
अस्पताल में जांच सुविधा बंद होने के कारण कई मरीज निजी जांच केंद्रों में जाने को मजबूर हैं. मरीजों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे पर सैकड़ों रुपये खर्च करना आसान नहीं है.
लोगों का आरोप है कि सदर अस्पताल जैसे प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक जांच सेवाओं का लगातार बंद रहना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है.
जल्द बहाल होगी सेवा
सदर अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक अभिनव आनंद ने बताया कि अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन में तकनीकी खराबी आई है. संबंधित एजेंसी को इसकी सूचना दे दी गई है और मरम्मत की प्रक्रिया जारी है.
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि दोनों जांच सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जाएं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
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