वीरपुर सीमा पर एसएसबी का नया सुरक्षा कवच तैयार : तस्करों की राह में खोदे गए पांच फीट गहरे गड्ढे

एसएसबी अधिकारियों का मानना है कि सीमा पर मौजूद मुख्य सड़कों की तुलना में तस्कर अक्सर पगडंडियों और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करते हैं

एसएसबी की इस पहल से सीमा क्षेत्र में तस्करी की घटनाओं पर काफी हद तक होगी नियंत्रण

वीरपुर.

नेपाल सीमा से सटे एसएसबी के सतना बीओपी क्षेत्र में अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए सशस्त्र सीमा बल ने एक अनोखी और प्रभावी पहल शुरू की है. सतना बीओपी अंतर्गत वीरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-01 स्थित मरबैता टोला से नेपाल जाने वाली पगडंडी पर जेसीबी से लगभग पांच फीट गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, ताकि इस रास्ते से अवैध रूप से आने-जाने वाले बाइक और चारपहिया वाहनों की आवाजाही रोकी जा सके.

जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में इसी पगडंडी का इस्तेमाल कर तस्करों ने नेपाल से 17 क्विंटल गांजा लदे एक पिकअप वाहन को भारतीय सीमा में प्रवेश कराने का प्रयास किया था. हालांकि एसएसबी की सतर्कता और सूझबूझ के कारण तस्करों की यह कोशिश विफल हो गई थी. बताया जाता है कि कार्रवाई के दौरान तस्करों ने जवानों को वाहन से कुचलने का भी प्रयास किया था. इस घटना की पुष्टि एसएसबी पूर्णिया रेंज के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने एक प्रेस वार्ता के दौरान की थी. एसएसबी अधिकारियों का मानना है कि सीमा पर मौजूद मुख्य सड़कों की तुलना में तस्कर अक्सर पगडंडियों और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करते हैं. ऐसे मार्गों से न केवल मादक पदार्थों और अन्य अवैध सामानों की तस्करी की जाती है, बल्कि जवानों की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होता है. इसी को देखते हुए एसएसबी ने मरबैता टोला की पगडंडी पर गहरे गड्ढे बनाकर वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाने की रणनीति अपनाई है. अधिकारियों के अनुसार यह फिलहाल एक वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था है. भविष्य में तस्करी की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए और भी अधिक सख्त एवं तकनीकी उपाय किए जाएंगे. स्थानीय लोगों का मानना है कि एसएसबी की इस पहल से सीमा क्षेत्र में तस्करी की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण होगी व सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और मजबूत होगी.

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