वीरपुरभारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. एसएसबी जवानों ने भारत-नेपाल अंतररष्ट्रीय चेक पोस्ट भीमनगर पर मानव तस्करी के एक प्रयास को विफल करते हुए एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचाया. 45वीं वाहिनी एसएसबी, वीरपुर के द्वितीय कमान अधिकारी (कार्यवाहक कमांडेंट) जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि सीमा चौकी भीमनगर के जवान नियमित जांच एवं निगरानी ड्यूटी पर तैनात थे. इसी दौरान नेपाल से भारत की ओर आ रही दो लड़कियों को संदेह के आधार पर रोका गया और उनके पहचान पत्रों की जांच की गई. पूछताछ के दौरान दोनों लड़कियों द्वारा अलग-अलग एवं विरोधाभासी जानकारी दी गई. बार-बार बयान बदलने से जवानों का संदेह और गहरा गया, जिसके बाद विस्तृत जांच की गई.
नौकरी का प्रलोभन देकर लाया जा रहा था नेपाल से भारत
जांच में मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हुआ. पूछताछ में एक युवती ने अपना नाम आरती कुमारी (23 वर्ष), निवासी मधुबनी बताया. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उसके साथ एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की थी, जिसे नौकरी का प्रलोभन देकर नेपाल से भारत लाया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए वाहिनी के मानव तस्करी विरोधी दल के साथ-साथ सर्वो प्रयास संस्था एवं जागरण कल्याण भारती के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद महिला एवं नाबालिग लड़की को आगे की कार्रवाई के लिए थाना भीमनगर, जिला सुपौल को सौंप दिया गया. इस अभियान में एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक मोहनलाल सहित अन्य जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. एसएसबी अधिकारियों ने कहा कि 45वीं वाहिनी वीरपुर सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी, अवैध गतिविधियों और सीमा अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा.
