हाजत में युवक की मौत मामले में एसपी की बड़ी कार्रवाई, जांच जारी
जदिया.
जदिया थाना हाजत में बंद युवक बिट्टू कुमार की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने शुक्रवार को जदिया थानाध्यक्ष नंदकिशोर नंदन को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया. वहीं पुलिस निरीक्षक (पु.नि.) राजकिशोर मंडल को जदिया थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है. उन्होंने शुक्रवार को पदभार ग्रहण कर लिया.एसपी शरथ आरएस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हाजत में हुई मौत के मामले की जांच अभी जारी है. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में हुई मौत अत्यंत गंभीर मामला है और जांच में जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, संबंधित अधिकारी अथवा कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी हो चुकी है विभागीय कार्रवाई
गौरतलब है कि इस मामले में इससे पूर्व भी कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है. ओडी पदाधिकारी पुअनि सोबरन कुमार और चौकीदार अनमोल पासवान को निलंबित किया गया था, जबकि थाना में पदस्थापित मुंशी मनोज कुमार को लाइन हाजिर किया गया है. अब थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि पुलिस विभाग मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से ले रहा है.
राजकिशोर मंडल ने संभाली कमान
आदेश जारी होने के बाद राजकिशोर मंडल ने शुक्रवार को जदिया थाना पहुंचकर नए थानाध्यक्ष के रूप में योगदान दिया. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने थाना के अधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की.साथ ही पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने तथा आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया.
परिजन बोले- निलंबन नहीं, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
इधर, मृतक बिट्टू कुमार के परिजनों ने थानाध्यक्ष के निलंबन को विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए इसे पर्याप्त कार्रवाई मानने से इनकार कर दिया है. परिजनों का कहना है कि पुलिस हिरासत में हुई मौत अत्यंत गंभीर घटना है. उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाए तथा उनके विरुद्ध बर्खास्तगी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.
परिजनों का कहना है कि केवल निलंबन से न्याय नहीं मिलेगा.घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो भविष्य में पुलिस हिरासत में होने वाली घटनाओं पर रोक लगाने का संदेश दे.