शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर डीएम ने की समीक्षा, प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर दिखे सख्त

जिलाधिकारी ने नामांकन लक्ष्य और वास्तविक उपलब्धि के बीच के अंतर को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया

-नामांकन, आधार-अपार कार्ड, एफआरएस रजिस्ट्रेशन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर

सुपौल.

समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता तथा उप विकास आयुक्त सारा अशरफ की उपस्थिति में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों ने भाग लिया.

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की समीक्षा

बैठक में सर्वप्रथम कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में नामांकन की स्थिति की समीक्षा की गई. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 62 सीट रिक्त है. इस पर जिलाधिकारी ने रिक्त सीटों को शीघ्र भरने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही कस्तूरबा विद्यालयों में पेयजल की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान बताया गया कि नामांकन अभियान के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 की तुलना में नए सत्र में कक्षा एक में 30 हजार 472 नए छात्रों का नामांकन हुआ है. जिलाधिकारी ने नामांकन लक्ष्य और वास्तविक उपलब्धि के बीच के अंतर को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया.

मरौना में नहीं संचालित है आधार सेंटर

बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मरौना कार्यालय के ऑपरेटर ने जानकारी दी कि प्रखंड क्षेत्र में कोई आधार केंद्र संचालित नहीं होने के कारण बच्चों के आधार कार्ड एवं अपार कार्ड बनाने में कठिनाइयां आ रही हैं. इस पर जिलाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मरौना को सभी पंचायत सचिवों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करने तथा समस्या के समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिले में 110 शिक्षकों एवं 01 लाख 67 हजार 184 छात्रों का एफआरएस (फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम) पर पंजीकरण अभी तक नहीं हो पाया है. जिलाधिकारी ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया. इसके अलावा जिलाधिकारी ने यू-डायस, समर कैंप की गतिविधियों एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों की स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से समीक्षा की. उन्होंने उप विकास आयुक्त को डायट में संचालित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से संबंधित प्रतिवेदन एवं प्रस्तुतीकरण उपलब्ध नहीं रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी समीक्षा बैठक में सभी आवश्यक प्रतिवेदन एवं प्रगति रिपोर्ट अद्यतन रूप में प्रस्तुत की जाए. जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, शत-प्रतिशत नामांकन, तकनीकी पंजीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.

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