खतरे को आमंत्रित कर रहा चिलौनी नदी पर बना पुल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 May 2016 5:46 AM
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तीन पाया धंस जाने से कभी भी धाराशायी हो सकता है पुल पुल क्षतिग्रस्त होने से लाखों की आबादी हो रही प्रभावित त्रिवेणीगंज : मुख्यालय क्षेत्र से मचहा गांव को जोड़ने वाली सड़क मार्ग में चिलौनी नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है. पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी धराशायी हो सकता है. बड़े […]
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तीन पाया धंस जाने से कभी भी धाराशायी हो सकता है पुल
पुल क्षतिग्रस्त होने से लाखों की आबादी हो रही प्रभावित
त्रिवेणीगंज : मुख्यालय क्षेत्र से मचहा गांव को जोड़ने वाली सड़क मार्ग में चिलौनी नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है. पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी धराशायी हो सकता है. बड़े आबादी का इस रास्ते से आवागमन ठप हो सकता है. गौरतलब है कि कुसहा पंचायत इस पुल का काफी महत्व है. दरअसल सुपौल जिला के अंतिम सीमा पर मौजूद इस पंचायत की यह सड़क जिले के साथ ही मधेपुरा जिला के दर्जनों गांव को जोड़ती है.
स्वाभाविक तौर पर इन गांवों में बसने वाली लाखों की आबादी के आवागमन का यह सड़क एक मात्र सहारा है. पुल के धंस जाने से बड़ी आबादी के समक्ष आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गयी है. पुल के धाराशायी होने से आवागमन पूरी तरह चौपट हो जायेगा और लोगों को नजदीकी गांवों तक पहुंचने के लिये काफी लंबे रास्ते का सहारा लेना पड़ेगा.
क्षतिग्रस्त हो चुका है पुल का तीन पाया: करीब तीन दशक पूर्व मचहा जाने वाली सड़क मार्ग में चिलौनी नदी पर छह पायों के इस पुल का निर्माण किया गया था. लेकिन समुचित देख-रेख व रख-रखाव के अभाव में पुल के एक भाग का तीन पाया क्षतिग्रस्त हो चुका है. जिसके कारण पुल का एक हिस्सा धंस गया है. जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है. हालांकि पुल के दोनों हिस्सों में बसे कई गांव में रहने वाली बड़ी आबादी आज भी मजबूरन इस पुल के ऊपर से जान जोखिम में डाल कर आवागमन कर रही है. जो कभी भी घातक सिद्ध हो सकता है.
पुल धाराशायी होने से लाखों लोग होंगे प्रभावित: त्रिवेणीगंज-मचहा सड़क मार्ग से प्रखंड क्षेत्र के कुसहा पंचायत के अलावे मधेपुरा जिला के सीमावर्ती प्रखंड शंकरपुर के सीमावर्ती गांव गाढ़ा, लाही, बरियाही, बथान-परसा आदि गांव का जुड़ाव है. यहां के अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं. किसानों द्वारा अपने उत्पादन को इसी मार्ग से बाजार लाया जाता है. वहीं घरेलू सामग्री की खरीददारी के लिये भी उक्त सड़क का उपयोग किया जाता है. लिहाजा त्रिवेणीगंज-मचहा सड़क का व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी काफी अहमियत है. लेकिन पुल के जर्जर हो जाने के बावजूद लोग जान जोखिम में डाल कर आवागमन करने को विवश हैं.
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