आठ वर्षों से अधूरा पड़ा है बीआरसी भवन

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आठ वर्षों से अधूरा पड़ा है बीआरसी भवनप्रथम किस्त के रूप में 08.50 लाख आवंटितकमीशन के फेर में अटका अवशेष राशि का आवंटनविद्यालय परिसर में कार्यालय संचालित होने से बच्चों को हो रही परेशानी फोटो -03कैप्सन- अधूरा पड़ा बीआरसी भवनप्रतिनिधि, सिमराही विभागीय लापरवाही एवं राशि के अभाव के कारण विगत आठ वर्षों से राघोपुर प्रखंड […]

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आठ वर्षों से अधूरा पड़ा है बीआरसी भवनप्रथम किस्त के रूप में 08.50 लाख आवंटितकमीशन के फेर में अटका अवशेष राशि का आवंटनविद्यालय परिसर में कार्यालय संचालित होने से बच्चों को हो रही परेशानी फोटो -03कैप्सन- अधूरा पड़ा बीआरसी भवनप्रतिनिधि, सिमराही विभागीय लापरवाही एवं राशि के अभाव के कारण विगत आठ वर्षों से राघोपुर प्रखंड मुख्यालय में निर्माणाधीन बीआरसी भवन अधूरा पड़ा है. भवन के अभाव में प्रखंड शिक्षा कार्यालय चलंत कार्यालय बन कर रह गया है. भवन उपलब्ध नहीं रहने का ही नतीजा है कि मासिक बैठक एवं अन्य आवश्यक विभागीय बैठक के लिए अधिकारी व शिक्षकों को यत्र-तत्र भटकने के लिए विवश होना पड़ रहा है.14 लाख की लागत से होना था निर्माणबीआरसी भवन निर्माण के लिए सर्वशिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2006-07 में करीब 14 लाख की लागत से बीआरसी भवन का निर्माण कराया जाना था. इसके लिए प्रथम किस्त के रूप में 08 लाख 50 हजार रुपये का आवंटन भी प्राप्त हुआ.आवंटन प्राप्त होने के बाद भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया. राशि खत्म हो जाने के बाद बीआरसी कार्यालय से अवशेष राशि की मांग जिला कार्यालय से की गयी, जो अभी तक अप्राप्त है. राशि उपलब्ध नहीं हो पाने की वजह से निर्माण कार्य अधर में लटक गया. वहीं प्रखंड के अधिकारी व शिक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.कमीशन के फेर में नहीं मिली राशि विभागीय अधिकारियों द्वारा भवन निर्माण कार्य अधूरा रहने के पीछे राशि का आवंटन प्राप्त नहीं होना बताया जा रहा है.जबकि हकीकत कुछ और ही है.सूत्रों की मानें तो जिला से राशि नहीं मिलने की वजह कमीशन है. बताया जाता है कि प्रथम किस्त की राशि आवंटित किये जाने के एवज में जिला को तीन से चार प्रतिशत कमीशन के रूप में दिया जाना था. कमीशन की राशि नहीं दिये जाने के कारण ही अवशेष राशि का आवंटन नहीं किया गया. हालांकि विभागीय अधिकारी इस बात से इनकार करते हैं.शेष राशि से कार्य पूर्ण होना असंभव सर्व शिक्षा अभियान के तहत निर्माणाधीन बीआरसी भवन का निर्माण वित्तीय वर्ष 2006-07 में शुरू किया गया.उस समय बीआरसी भवन निर्माण के लिए तैयार प्राक्कलन को अब आठ वर्ष बीतने को है.इस दौरान भवन निर्माण सामग्रियों की कीमत काफी बढ़ जाने के कारण उक्त प्राक्कलित राशि से भवन निर्माण कार्य पूरा होना असंभव लगता है. जानकारी अनुसार अभी लिंटर तक का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जबकि ग्राउंड फ्लोर का छत एवं प्रथम तले पर दो कमरे का निर्माण किया जाना है और अवशेष राशि मात्र छह लाख शेष है. इस स्थिति में भवन निर्माण का कार्य असंभव लगता है. कहते हैं शिक्षक प्रखंड शिक्षक संघ के अंचल सचिव सिकंदर प्रसाद यादव ने बताया कि प्रखंड में शिक्षा कार्यालय का अपना भवन नहीं रहने से शिक्षकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. जबकि मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमेश मंडल ने कहा कि मध्य विद्यालय परिसर में ही प्रखंड शिक्षा कार्यालय संचालित किया जा रहा है.जिससे छात्रों को पठन-पाठन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.बताया कि बीआरसी आने वाले शिक्षकों द्वारा मैदान में यत्र-तत्र वाहन खड़ी किये जाने के कारण छात्रों को खेलकूद में भी कठिनाई होती है.कहते हैं अधिकारी बीइओ प्रमोद कुमार पासवान ने कहा कि राशि के अभाव की वजह से निर्माण कार्य अधूरा है. लंबे समय से राशि की मांग जिला से की जा रही है. राशि प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य पूर्ण कराया जायेगा.

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