महिला डॉक्टर नहीं रहने से होती है परेशानी

यहां आधी आबादी की सेहत भगवान भरोसे है. एक भी महिला डॉक्टर नहीं हैं. यहां तक कि अनुमंडल मुख्यालय में निजी सेक्टर में भी एक भी लेडी डॉक्टर तक नहीं हैं. ऐसे में यहां की महिलाओं को गंभीर रोगों की इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है.

प्रतिनिधि, महाराजगंज. यहां आधी आबादी की सेहत भगवान भरोसे है. एक भी महिला डॉक्टर नहीं हैं. यहां तक कि अनुमंडल मुख्यालय में निजी सेक्टर में भी एक भी लेडी डॉक्टर तक नहीं हैं. ऐसे में यहां की महिलाओं को गंभीर रोगों की इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है. गंभीर महिला रोगियों को इलाज के लिए पूरी तरह से सदर अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है. पीएचसी में पिछले कई वर्षों से एक भी महिला चिकित्सक की तैनाती नही. पीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की दरकार है. 1990 मे डॉ. नसीमा हसन महिला चिकित्सक थी. जिनका 15 वर्ष पहले ही स्थानांतरण हो गया था. उसके बाद स्वास्थ्य विभाग महाराजगंज पीएचसी में आज तक एक भी महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं कर सकी. इस वजह से महिला मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आशा, ममता और एएनएम के भरोसे ही पूरी व्यवस्था चल रही है. पुरुष डॉक्टर भी जांच के लिए एनएनएम पर निर्भर रहते हैं. इस कारण महिला मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पाता है. औसतन पुरुष मरीजों से अधिक महिला मरीज ही अस्पताल जांच एवं दवा के लिए आती हैं. प्रतिमाह लगभग ढाई हजार महिला मरीजों की अस्पताल इलाज कराने के लिए आती हैं. इस संबंध में महाराजगंज नगर पंचायत अध्यक्ष शारदा देवी, नगर पंचायत उपाध्यक्ष गुड़िया कुमारी,वार्ड संख्या तीन के पार्षद सुमन देवी, वार्ड पार्षद मंजू देवी, वार्ड पार्षद आचार्य सिंह,वार्ड पार्षद शालू सिंह, महाराजगंज मुखिया संघ के उपाध्यक्ष सह सिकटिया पंचायत के मुखिया नसीमा खातुन, सुप्रिया कुमारी व अन्य स्थानीय महिलाओं ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से इस अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की पोस्टिंग करने की अपील की है. ताकि महिलाओं का यहां इलाज शुरू हो सके. इधर, इस समस्या के बारे में पूछे जाने पर महाराजगंज पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बिपिन कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमित संसाधन में मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश हो रही है. जहां तक महिला चिकित्सक नहीं रहने से महिलाओं का इलाज करना मुश्किल है. वरीय अधिकारियों से महाराजगंज पीएचसी मे महिला डॉक्टर की पदस्थापना की कई बार मांग की गयी. परंतु अबतक एक भी महिला चिकित्सक का नियुक्ति नही हो सकी है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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