शिखर धवन की पूर्व पत्नी को लौटाने होंगे 5.7 करोड़, ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट का फैसला रद्द

Shikhar Dhawan : 22 फरवरी को क्रिकेटर शिखर धवन ने सोफी शाइन नाम की एक आयरिश महिला से शादी कर ली. यह शिखर धवन की दूसरी शादी है, इस शादी के होते ही शिखर धवन को बड़ी खुशखबरी मिली है. दिल्ली के एक फैमिली कोर्ट ने शिखर की पहली पत्नी आयशा मुखर्जी को यह आदेश दिया है कि वह 5.7 करोड़ रुपए इंटरेस्ट के साथ शिखर धवन को वापस करे. इतना ही नहीं 2024 में ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने शिखर धवन और आयशा मुखर्जी की संपत्तियों का जो बंटवारा किया था उसे भी अमान्य करार दिया है.

Shikhar Dhawan : भारतीय क्रिकेट में गब्बर के नाम से प्रसिद्ध पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन को दिल्ली के एक फैमिली कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी को यह आदेश दिया है कि वे शिखर को 5.7 करोड़ रुपए लौटाएं. कोर्ट का यह आदेश शिखर धवन के लिए बड़ी जीत के समान है. इतना ही नहीं कोर्ट ने उस प्राॅपर्टी सेटलमेंट को ही अमान्य करार दिया है, जिसके जरिए आयशा ने 5.7 करोड़ रुपए प्राप्त किए थे.

कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?

दिल्ली के फैमिली कोर्ट ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में जो प्राॅपटी का सेटलमेंट हुआ था, वह धोखाधड़ी और धमकी के आधार पर हासिल किया गया था. कोर्ट ने कहा कि जब शिखर धवन और आयशा मुखर्जी का विवाह भारत में रजिस्टर्ड था, तो ऑस्ट्रेलिया की किसी अदालत को उससे जुड़े मामले पर फैसला देने का कोई अधिकार नहीं था. चूंकि शादी भारत में रजिस्टर्ड था, इसलिए शिखर धवन तलाक के मामले में ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट के किसी भी आदेश से बंधे नहीं थे.

आयशा मुखर्जी को इंटरेस्ट के साथ शिखर धवन को वापस करने होंगे पैसे

कोर्ट के आदेश के बाद आयशा मुखर्जी, जो शिखर धवन की पहली पत्नी थीं, उन्हें केस दाखिल होने के समय से प्रतिवर्ष 9 % इंटरेस्ट के साथ पैसे वापस करने होंगे. कोर्ट ने प्रॉपर्टी सेटलमेंट के सभी दस्तावेज को अमान्य घोषित कर दिया और कहा कि शिखर धवन ने धमकी, धोखे और धोखाधड़ी की स्थिति में उनपर साइन किए थे.

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2024 में ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने शिखर धवन और आयशा मुखर्जी की संपत्तियों का किया था बंटवारा

क्रिकेटर शिखर धवन ने 2012 में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता प्राप्त भारतीय मूल की महिला आयशा मुखर्जी से शादी किया था. बेटे जोरावर के जन्म के बाद आयशा मुखर्जी ने शिखर धवन को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू किया और भारत नहीं आईं और बेटे को शिखर से दूर करना शुरू कर दिया. कोर्ट ने शिखर धवन को इसी आधार पर 2023 में तलाक दिया था. तलाक के बाद जब संपत्ति बंटवारे की बात आई तो आयशा ने ऑस्ट्रेलिया में शिखर धवन को धमकाकर कई संपत्ति अपने नाम करवाए. ऑस्ट्रेलिया के एक कोर्ट ने 2024 में तलाक के बाद इनकी संपत्तियों का बंटवारा किया था, जिसे दिल्ली के फैमिली कोर्ट ने कैंसिल कर दिया और कहा कि शादी भारत में हुई थी, इसलिए ऑस्ट्रेलिया के कोर्ट को इससे संबंधित किसी विवाद के निपटारे का हक नहीं है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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