Shikhar Dhawan : भारतीय क्रिकेट में गब्बर के नाम से प्रसिद्ध पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन को दिल्ली के एक फैमिली कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी को यह आदेश दिया है कि वे शिखर को 5.7 करोड़ रुपए लौटाएं. कोर्ट का यह आदेश शिखर धवन के लिए बड़ी जीत के समान है. इतना ही नहीं कोर्ट ने उस प्राॅपर्टी सेटलमेंट को ही अमान्य करार दिया है, जिसके जरिए आयशा ने 5.7 करोड़ रुपए प्राप्त किए थे.
कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
दिल्ली के फैमिली कोर्ट ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में जो प्राॅपटी का सेटलमेंट हुआ था, वह धोखाधड़ी और धमकी के आधार पर हासिल किया गया था. कोर्ट ने कहा कि जब शिखर धवन और आयशा मुखर्जी का विवाह भारत में रजिस्टर्ड था, तो ऑस्ट्रेलिया की किसी अदालत को उससे जुड़े मामले पर फैसला देने का कोई अधिकार नहीं था. चूंकि शादी भारत में रजिस्टर्ड था, इसलिए शिखर धवन तलाक के मामले में ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट के किसी भी आदेश से बंधे नहीं थे.
आयशा मुखर्जी को इंटरेस्ट के साथ शिखर धवन को वापस करने होंगे पैसे
कोर्ट के आदेश के बाद आयशा मुखर्जी, जो शिखर धवन की पहली पत्नी थीं, उन्हें केस दाखिल होने के समय से प्रतिवर्ष 9 % इंटरेस्ट के साथ पैसे वापस करने होंगे. कोर्ट ने प्रॉपर्टी सेटलमेंट के सभी दस्तावेज को अमान्य घोषित कर दिया और कहा कि शिखर धवन ने धमकी, धोखे और धोखाधड़ी की स्थिति में उनपर साइन किए थे.
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2024 में ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने शिखर धवन और आयशा मुखर्जी की संपत्तियों का किया था बंटवारा
क्रिकेटर शिखर धवन ने 2012 में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता प्राप्त भारतीय मूल की महिला आयशा मुखर्जी से शादी किया था. बेटे जोरावर के जन्म के बाद आयशा मुखर्जी ने शिखर धवन को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू किया और भारत नहीं आईं और बेटे को शिखर से दूर करना शुरू कर दिया. कोर्ट ने शिखर धवन को इसी आधार पर 2023 में तलाक दिया था. तलाक के बाद जब संपत्ति बंटवारे की बात आई तो आयशा ने ऑस्ट्रेलिया में शिखर धवन को धमकाकर कई संपत्ति अपने नाम करवाए. ऑस्ट्रेलिया के एक कोर्ट ने 2024 में तलाक के बाद इनकी संपत्तियों का बंटवारा किया था, जिसे दिल्ली के फैमिली कोर्ट ने कैंसिल कर दिया और कहा कि शादी भारत में हुई थी, इसलिए ऑस्ट्रेलिया के कोर्ट को इससे संबंधित किसी विवाद के निपटारे का हक नहीं है.
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