सीवान: जीरादेई में कम राशन और कार्ड बनाने में अवैध वसूली के आरोपों से सरकार का इनकार, विधानसभा में दिया जवाब

जीरादेई विधानसभा क्षेत्र में राशन वितरण में कथित अनियमितताओं को बिहार सरकार ने खारिज कर दिया है. विधायक की शिकायत पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पात्र लाभुकों को सही मात्रा में खाद्यान्न मिलने का दावा किया है.

Siwan News: जीरादेई विधानसभा क्षेत्र में राशन वितरण में कथित अनियमितता और नया राशन कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों को बिहार सरकार ने खारिज कर दिया है. विधानसभा में विधायक भीम प्रताप सिंह द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कहा कि क्षेत्र के सभी पात्र लाभुकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है. विभाग के अनुसार अवैध वसूली की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.

विधायक ने उठाया था कम राशन और वसूली का मुद्दा

विधायक भीम प्रताप सिंह ने सरकार से पूछा था कि क्या जीरादेई विधानसभा क्षेत्र में पात्र लाभुकों को प्रति व्यक्ति निर्धारित पांच किलोग्राम की जगह केवल चार किलोग्राम राशन दिया जा रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि नया राशन कार्ड बनाने के नाम पर एमओ द्वारा दो से तीन हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है.

सरकार ने डीएम की रिपोर्ट का दिया हवाला

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने जिलाधिकारी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्र के सभी पात्र लाभुकों को प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली की कोई शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई है. यदि भविष्य में इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

ई-पॉस मशीन से हो रहा राशन वितरण

सरकार ने अपने जवाब में बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ई-पॉस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन का वितरण किया जाता है. इसके अनुसार पीएचएच (PHH) श्रेणी के लाभुकों को प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम तथा अंत्योदय (AAY) परिवारों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है.

सरकार के इस जवाब के बाद जीरादेई विधानसभा क्षेत्र में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.

Also Read:पटना यूनिवर्सिटी के शिक्षक और कर्मचारी निकले लोक भवन मार्च के लिए, जानिए क्यों कर रहे नये विधेयक का विरोध


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजन कुमार

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >