खौफनाक सफर का हुआ खौफनाक अंत

Updated at : 29 Aug 2018 4:08 AM (IST)
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खौफनाक सफर का हुआ खौफनाक अंत

सीतामढ़ी : जिस संतोष झा के नाम से कभी इलाका कांपता था, आज उसकी हत्या के साथ ही उसका खौफनाक अंत हो गया. शिवहर जिले के पुरनहिया थाना क्षेत्र के दोस्तियां गांव निवासी चंद्रशेखर झा के पुत्र संतोष झा ने कथित जमींदार की दबंगता के आगे माओवाद के सिद्धांत पर चलकर जुल्म को खत्म करने […]

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सीतामढ़ी : जिस संतोष झा के नाम से कभी इलाका कांपता था, आज उसकी हत्या के साथ ही उसका खौफनाक अंत हो गया. शिवहर जिले के पुरनहिया थाना क्षेत्र के दोस्तियां गांव निवासी चंद्रशेखर झा के पुत्र संतोष झा ने कथित जमींदार की दबंगता के आगे माओवाद के सिद्धांत पर चलकर जुल्म को खत्म करने का प्रण किया.

अपने परिवार में सहे तमाम जूल्मो-सितम को बदले की भावना में बदलने के लिए उसने पहले माओवाद, फिर अपराध की ओर रुख किया. वर्ष 2010 के बाद एक के बाद एक कंस्ट्रक्शन कंपनियों से रंगदारी मांगकर उसने अपने नाम का दहशत फैलाना शुरू किया.
इसमें बेलसंड के बागमती बांध निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर गयाबख्श सिंह एवं इंजीनियर विकास कुमार मिश्रा की रंगदारी को लेकर की गयी हत्या से दहशत का पर्याय बन गया. इसके बाद बिहार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की प्रमुख बनकर रंगदारी से अकूत संपत्ति अर्जित की. इस दौरान उसके नाम का सिक्का चलता रहा.
पुलिस सूत्रों की माने तो संतोष द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी की गयी. इधर दरभंगा में डबल इंजीनियर मर्डर केस में मुकेश पाठक व अन्य के साथ उसे दरभंगा कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाये जाने के बाद उस पर कानून का शिकंजा कस गया था.
संतोष झा की हत्या के बाद जेल की सुरक्षा बढ़ी: गैंगस्टर संतोष झा की सिविल कोर्ट में हत्या के बाद एहतियात के तौर पर जिले को हाई अलर्ट कर दिया गया है. पुलिस अधीक्षक विकास वर्मन ने जिले के तमाम थानों को अगले 24 घंटे तक इलाके में सघन वाहन चेकिंग करने का निर्देश दिया है. हत्या के बाद सीतामढ़ी मंडल कारा की सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है.
संतोष झा को सीतामढ़ी नगर थाना क्षेत्र के एक मामले में पेशी के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष लाया गया था, जहां अपराधियों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने मंगलवार देर शाम बताया कि जेल में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है. न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद संतोष झा की हत्या के बाद सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है. जेल के भीतरी व बाहरी परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर विशेष तौर पर सुरक्षाकर्मियों को निर्देशित किया गया है. मालूम हो कि दरभंगा में डबल इंजीनियर हत्या कांड का मुख्य आरोपित मुकेश पाठक के अलावा शातिर विकास झा उर्फ कालिया समेत अन्य कई दुर्दांत अपराधकर्मी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है.
कानू समाज का मशाल जुलूस स्थगित
राष्ट्रीय कानू कल्याण महासभा की ओर से मंगलवार की शाम शहर में निकलने वाला मशाल जुलूस को विधि-व्यवस्था को लेकर स्थगित कर दिया गया है. महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश प्रसाद गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कार्यक्रम रद्द करने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह जुलूस जानकी स्थान से मेहसौल चौक तक होना था.
जमींदार की दबंगई व जुल्म ने संतोष झा को बनाया गैंगस्टर
दरभंगा में निर्माण कंपनी के दो इंजीनियरों की
हत्या के बाद सुर्खियों
में आया था संतोष
बिहार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का प्रमुख बन कर बनायी अकूत संपत्ति
जज की मौजूदगी में संतोष के शव का हुआ पोस्टमार्टम
अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, सदर विक्रम कुमार की मौजूदगी में तीन चिकित्सकीय दल ने देर शाम संतोष झा के शव का पोस्टमार्टम किया. इस दौरान डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह के निर्देश पर कार्यपालक दंडाधिकारी सदर शिलानाथ सिन्हा बतौर दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त किये गये थे. सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम का गठन किया था. जिसमें डॉ सुभाष कुमार सिंह, डॉ केपी देव एवं डॉ प्रमोद कुमार को शामिल किया गया था. पोस्टमार्टम के बाद संतोष के शव को उसके पैतृक गांव दोस्तियां भेजने की प्रक्रिया होगी. बताया जाता है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में शव को भेजा जा रहा है.
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