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मानव तस्करी को जड़ से मिटाने का लिया संकल्प

Updated at : 10 Apr 2017 6:01 AM (IST)
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मानव तस्करी को जड़ से मिटाने का लिया संकल्प

कार्यशाला. पुलिस पदाधिकारी व ऑटोचालकों ने लिया भाग सीतामढ़ी : जिला मुख्यालय से सटे आरक्षी केंद्र स्थित आंनद भवन में रविवार को मानव तस्करी की रोकथाम के लेकर एसपी हरि प्रसाथ की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में पुलिस पदाधिकारी व बड़ी संख्या में ऑटो चालक मौजूद थे. मौके पर पुलिस पदाधिकारियों […]

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कार्यशाला. पुलिस पदाधिकारी व ऑटोचालकों ने लिया भाग

सीतामढ़ी : जिला मुख्यालय से सटे आरक्षी केंद्र स्थित आंनद भवन में रविवार को मानव तस्करी की रोकथाम के लेकर एसपी हरि प्रसाथ की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में पुलिस पदाधिकारी व बड़ी संख्या में ऑटो चालक मौजूद थे. मौके पर पुलिस पदाधिकारियों ने मानव तस्करी की रोकथाम के लिए ऑटो चालकों से सहयोग करने की अपील की. आंगन ट्रस्ट से आये ट्रेनर सुरेश कुमार ने मानव तस्करी से संबंधित मनवीय जीवन को झकझोड़ने वाला वीडियो दिखा कर चर्चा की. कहा कि मानव व्यापार एक ऐसा व्यापार है, जिसमें मानव की खरीद बिक्री की जाती है.
देश में मानव व्यापार का ग्राफ बढ़ा है. आंकड़े के अनुसार भारत से 50 हजार बच्चे गायब है. जिसका कोई अता-पता नहीं है. कहा, सीतामढ़ी व नेपाल के बच्चे अधिक गायब हो रहे है. ये सभी बच्चें कहीं न कहीं से ऑटो चालकों की नजरों से गुजरते है. चालक को पता भी चलता है कि बच्चों को तस्करी कर ले जाया जा रहा है, लेकिन कानूनी पेंच में फंसने के भय से पुलिस को सूचित नहीं करते है. उन्होंने सभी ऑटो चालकों को कहा कि इस तरह की भनक मिलते ही पुलिस को सूचित करें. ताकी मानव तस्करी को जड़ से सफाया किया जा सके.
बच्चों व अभिभावकों को बहला-फुसला कर ले जाते हैं तस्कर
मानव तस्कर द्वारा अभिभावकों व बच्चों को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाया जाता है. बच्चों से जबरन तरह-तरह के कार्य 16-16 घंटे कराये जाते है. जब अभिभावकों द्वारा बच्चों को बुलाने के लिए कहा जाता हैं तो तरह-तरह की झूठी बातें कही जाती है. अभिभावकों को डराया जाता है कि उनका बच्चा कहीं चोरी करने के आरोप में पकड़ा गया है. बच्चे अपने माता-पिता से बिछुड़ जाते है. उन्होंने कहा कि बाजपट्टी के एक बच्चा को मानव तस्करी से मुक्त कराया गया, जिसको इलेक्ट्रिक शॉक लगाया गया था.
वीडियो देख भावुक हुए ऑटो चालक व अधिकारी : मानव तस्करी का शिकार हुए बच्चों पर हो रही अत्याचार आधारित वीडियो दिखाया गया. उक्त वीडियों में ज्योति नाम की एक लड़की के पिता गरीबी का दंश झेल रहे है. छोटा भाई खाट पर बीमार पड़ा है. इसी बीच, कोलकाता से एक मानव तस्कर (बिचौलिया) उसके घर आकर अपने को ज्योति के पिता का दोस्त बतलाता है. ज्योति के पिता अपनी माली हालत बताते है. िबचौलिये अपने पास से शराब की बोतल निकाल उसे पिलाना शुरू करता है. साथ हीं ज्योति (16 वर्ष) को रुपये कमाने के लिए बाहर भेजने की बात करता है. यह सुन ज्योति विलख-विलख कर रोनी लगती है.
अंतत: पिता बिचौलिया की बातों में आ जाते है और वह ज्योति को उक्त दलाल के साथ कोलकाता भेज देते है. दलाल ज्योति को कोलकाता ले जाकर एक कोठे पर बेच देता है. वहां उसे तरह-तरह की यातनाओं के साथ देह-व्यापार कराया जाता है. इसी तरह से ज्योति का जीवन नर्क बन जाता है. इस वीडियो को देख उपस्थित लोग भावुक हो गये और मानव तस्करी को रोकने का संकल्प लिया. मौके पर डीएसपी राकेश कुमार, एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट शाश्वत पांडेय के अलावा सुरेश कुमार, दीपक आस्सत, रवि कुमार समेत अन्य सैकड़ों लोग मौजूद थे.
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