आर्मी जवान का शव पहुंचा गांव
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Apr 2015 6:52 AM (IST)
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नगरा : खप्तरा थाना क्षेत्र की धूपनगर धोबवल पंचायत के धोबवल गांव में शनिवार की सुबह 22 वर्षीय आर्मी जवान का शव पहुंचा. लखनऊ आर्मी हॉस्पिटल से जवानों ने अपने मित्र का शव तिरंगा में लपेट कर पैतृक गांव पहुंचाया. शव पहुंचते ही उपस्थित सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गयीं और परिवार में कोहराम […]
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नगरा : खप्तरा थाना क्षेत्र की धूपनगर धोबवल पंचायत के धोबवल गांव में शनिवार की सुबह 22 वर्षीय आर्मी जवान का शव पहुंचा. लखनऊ आर्मी हॉस्पिटल से जवानों ने अपने मित्र का शव तिरंगा में लपेट कर पैतृक गांव पहुंचाया. शव पहुंचते ही उपस्थित सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गयीं और परिवार में कोहराम मच गया.
उक्त जवान सुरेश सिंह का 22 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार सिंह हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार मनोज कुमार सिंह की बहाली 4 अक्तूबर, 2012 में दानापुर 11 बिहार यूनिट आर्मी बटालियन में हुई थी. उसकी पोस्टिंग रांची में थी. मृतक के भाई चंदन कुमार सिंह ने बताया कि वह बिहार से कुश्ती प्रतियोगिता के लिए यूपी शाहजहांपुर लगभग एक माह पूर्व चयनित होकर गया था. उसको कुश्ती खेल के दौरान ही 27 मार्च सिर व पीठ में बहुत बड़ी चोट आयी थी.
इसके बाद जवानों ने उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भरती कराया लेकिन स्थिति चिंताजनक देख कर उसे आर्मी अस्पताल लखनऊ में भरती कराया गया. घटना की खबर विभाग ने उसके घरवालों को दूरभाष से पहुंचाया था. खबर सुनते ही उसके घर से उसके पिता व भाई चंदन कुमार सिंह लखनऊ अस्पताल पहुंचे थे. बहरहाल लखनऊ अस्पताल में ही शुक्रवार की सुबह में जवान ने दम तोड़ दिया. उसके बाद उसे पैतृक गांव लाया गया.
बेटे का शव देखते ही मां हुई बेहोश
धोबवल गांव में बेटे के शव पहुंचते ही मां अचेत हो गयी. परिवार में कोहराम मच गया तथा वहां उपस्थित लोग परिजनों को सांत्वना देते में लगे हुए थे. शव के साथ पहुंचे जवानों ने मृतक के पिता से विभागीय कागजात पर हस्ताक्षर कराया. सुरेश सिंह का दूसरा पुत्र मनोज कुमार सिंह आर्मी का जवान था.
माता कमला देवी को जब की होश आता था, तो वो केवल यही कहती थी कि मेरा बेटा खेल-खेल में कैसे मर गया. एक छोटा भाई नंदन कुमार तथा बहन निशु कुमारी अभी पढ़ाई करते हैं. परिवार में वहीं एक लड़का था, जो नौकरी कर रहा था. परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों को सरपंच संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, नवलेश सिंह, मुखिया अजरुन मांझी सहित दर्जनों जनप्रतिनिधियों देने पहुंचे थे.
अगले माह होनेवाली थी शादी
आर्मी जवान मनोज की शादी को मात्र एक माह ही रह गया था. शादी 27 मई, 2015 को मशरक थाना क्षेत्र के पकरी गांव के मदन ठाकुर की पुत्री डेजी कुमारी के साथ होनी थी. दोनों पक्ष के घर में शादी की सारी तैयारियां पूरी हो गयी थीं, तब तक मनोज को खेल प्रतियोगिता में चोट आयी और उनकी मौत हो गयी. दोनों पक्षों के घरों में सन्नाटा छाया हुआ है. गांव के लोगों ने बताया कि मनोज बहुत ही मिलनसार लड़का था. उनलोगों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही वह गांव आया था. सबसे मिल-जुल कर गया था.
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