Samastipur News: समस्तीपुर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राहुल कुमार सह एमपी-एमएलए न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को बैंक डकैती के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने मामले की सुनवाई (संवाद संख्या 546/2022) करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना अंतर्गत सबदुल्ला निवासी आरोपी ओमप्रकाश उर्फ उपेंद्र को दोषी करार दिया. कोर्ट ने दोषी को भादवि (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
डकैती और आपराधिक साजिश में दोषी
न्यायालय ने दोषी ओमप्रकाश को भादवि की धारा 395 (डकैती) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और 50,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. इसके साथ ही अदालत ने भादवि की धारा 120बी (अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश) में भी दोषी पाते हुए अलग से 10 वर्ष सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा दी. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी द्वारा अर्थदंड की कुल 1 लाख रुपये की राशि जमा नहीं की जाती है, तो उसे एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी.
ताजपुर में दिनदहाड़े हुई थी बैंक डकैती
यह पूरा मामला साल 2021 का है. स्थानीय बैंक अधिकारी सुनील कुमार ने 19 मई 2021 को ताजपुर थाने में कांड संख्या 194/2021 के तहत मामला दर्ज कराया था. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अपराधियों ने दिनदहाड़े दोपहर करीब 12:30 बजे बैंक में हथियार के बल पर घुसकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक शिव कुमार प्रसाद और अपर लोक अभियोजक शिव शंकर प्रसाद ने अकाट्य साक्ष्य पेश किए. वहीं, बचाव पक्ष से अधिवक्ता विनोद सिंह ने मामले की पैरवी की. दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने दोषी को यह कड़ी सजा सुनाई है.
