Saharsa News: सहरसा जिले के कहरा प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को आयोजित जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े कई मामलों का मौके पर ही निबटारा किया गया. जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित इस विशेष सुनवाई में अंचलाधिकारी निरंजन कुमार मिश्रा ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित राजस्व कर्मियों से जांच रिपोर्ट लेकर कई मामलों का तत्काल समाधान कराया.
जनता दरबार में सदर थाना, बनगांव थाना और सोनबरसा कचहरी थाना की पुलिस भी मौजूद रही, ताकि विवादित मामलों में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जा सके.
विभिन्न गांवों से पहुंचे फरियादी
अंचल क्षेत्र के अलग-अलग गांवों और पंचायतों से बड़ी संख्या में लोग जमीन विवाद से संबंधित शिकायतें लेकर जनता दरबार पहुंचे. कई मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनने और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद निर्णय लिया गया.
जहां स्थानीय स्तर पर समाधान संभव था, वहां मौके पर ही निबटारा कर संबंधित पक्षों को आवश्यक निर्देश दिए गए. वहीं कुछ मामलों में विस्तृत जांच और उच्चस्तरीय निर्णय की आवश्यकता होने के कारण उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को भेज दिया गया.
स्थानीय स्तर पर समाधान से लोगों को राहत
अंचलाधिकारी निरंजन कुमार मिश्रा ने बताया कि जनता दरबार का उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित और स्थानीय स्तर पर समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि ऐसे विवाद लंबे समय तक लंबित रहने पर सामाजिक तनाव और अनावश्यक मुकदमेबाजी बढ़ती है.
उन्होंने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी कर अगली सुनवाई में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जा सके.
राजस्व और पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी
जनता दरबार के दौरान राजस्व कर्मचारी रामनाथ पासवान, एएसआई तनुजा कुमारी, एएसआई मनोज कुमार, सहायक कपलेश्वर यादव सहित अन्य अंचलकर्मी और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे. प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से अपील की कि वे दिए गए निर्देशों का पालन करें और विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास करें.
Saharsa News: जमीन विवादों के समाधान पर प्रशासन का फोकस
सहरसा जिले में भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित किए जा रहे हैं. प्रशासन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई और समाधान की व्यवस्था से लोगों को कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ते हैं और विवाद समय पर सुलझने की संभावना बढ़ती है.
