आठ घंटे तक लगातार होती रही बूंदाबांदी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Apr 2017 4:51 AM (IST)
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बेमौसम बरसात. जगह-जगह हो गया जलजमाव, जनजीवन अस्त-व्यस्त, देर से खुली दुकानें गुरुवार की अहले सुबह से शुरू हुई बारिश लगातार आठ घंटे तक होती रही. हर जगह जलजमाव हो जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. बेमौसम बारिश ने जहां रबी फसलों के साथ-साथ कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है. सहरसा : बुधवार की […]
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बेमौसम बरसात. जगह-जगह हो गया जलजमाव, जनजीवन अस्त-व्यस्त, देर से खुली दुकानें
गुरुवार की अहले सुबह से शुरू हुई बारिश लगातार आठ घंटे तक होती रही. हर जगह जलजमाव हो जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. बेमौसम बारिश ने जहां रबी फसलों के साथ-साथ कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है.
सहरसा : बुधवार की शाम जिले में तेज आंधी आयी. बूंदाबांदी भी हुई. लेकिन धीरे-धीरे सब सामान्य हो गया. फिर देर रात से बिजली का चमकना और बादल का गरजना शुरू हुआ. अहले सुबह करीब पांच बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई. लोग जगे तो बारिश ने स्वागत किया. शुरुआती घंटे में बारिश की रफ्तार तेज रही. लेकिन फिर घटती चली गयी. लेकिन कम रफ्तार में ही लगभग एक बजे दिन तक लगातार बूंदाबांदी होती रही. बारिश के थमने के इंतजार में लोग अपने काम पर काफी देर से निकले. अधिकतर बच्चे स्कूल भी नहीं जा सके. वे दिन भर घरों में सिमटे रह गये. हालांकि इस दौरान बाजार की सड़कों पर भी सन्नाटा ही छाया रहा. बारिश के कारण सभी दुकानें काफी देर से खुली. लगातार बूंदाबांदी से शहर की अधिककांश सड़कों पर जलजमाव हो गया.
पांच डिग्री नीचे लुढ़का पारा: आंधी व पानी आने के साथ ही मौसम का पारा पांच डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया. बुधवार के दिन तक अधिकतम पारा 35 पर था, जो शाम होते-होते लुढ़क कर 31 पर आ गया और गुरुवार को एक डिग्री और नीचे गिरते 30 डिग्री पर अटक गया. सूरज के नहीं निकलने व हवा में अत्यधिक नमी रहने से गरमी का प्रभाव भी नहीं रहा. मौसम ठंडा रहने के कारण गुरुवार को दिन भर पंखा, कूलर व एसी की जरूरत महसूस नहीं हुई.
झड़ गया टिकोला व लीची: आंधी व बारिश से आम, लीची व गेहूं को काफी नुकसान हुआ. लोगों के किचेन गार्डेन सहित बगीचों में लगे पेड़ से आम के टिकोले, लीची टूट कर गिर गये. बुधवार की शाम व गुरुवार की सुबह उन गिरे टिकोलों को चुनने वालों की होड़ मची रही. इधर जिन किसानों के खेत में गेहूं की फसल अब तक खड़ी है या काटने के बाद दाने नहीं छुड़ाये जा सके हैं, उन्हें इस आंधी-बारिश से काफी नुकसान हुआ है.
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