होम आइसोलेशन में रहने वाले खायेंगे सरकारी भोजन, सीएम नीतीश कुमार बोले- हर प्रखंड में खुलेगी सामुदायिक रसोई

Published at :19 May 2021 7:56 AM (IST)
विज्ञापन
होम आइसोलेशन में रहने वाले खायेंगे सरकारी भोजन, सीएम नीतीश कुमार बोले- हर प्रखंड में खुलेगी सामुदायिक रसोई

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश दिया कि हर प्रखंड में सामुदायिक रसोई खोली जाये, ताकि अधिक-से-अधिक जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें. साथ ही उन्होंने सामुदायिक रसोई के जरिये होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीजों व उनके परिजनों को भी भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

विज्ञापन

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश दिया कि हर प्रखंड में सामुदायिक रसोई खोली जाये, ताकि अधिक-से-अधिक जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें. साथ ही उन्होंने सामुदायिक रसोई के जरिये होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीजों व उनके परिजनों को भी भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

सामुदायिक रसोई में आने वाले बच्चे-बच्चियों के लिए दूध की भी व्यवस्था करने काे कहा. अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों को पहले ही सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री मंगलवार को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प सभाकक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटना जिले के छह सामुदायिक रसोई की व्यवस्थाओं का वर्चुअल टूर के माध्यम से जायजा ले रहे थे.

इनमें गोलघर के पास बांकीपुर गर्ल्स हाइस्कूल, गर्दनीबाग स्थित पटना हाइस्कूल, सैदपुर नहर रैन बसेरा, अगमकुआं में एनएमसीएच, मंगल तालाब स्थित राजकीय हाइस्कूल और कॉलेज ऑफ कॉमर्स में चल रही सामुदायिक रसोई शामिल हैं. इस दौरान सीएम ने इन रसोई में भोजन करनेवालों से बातचीत कर फीडबैक भी लिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि लॉकडाउन में मजदूर, निर्धन, निराश्रित, निशक्त और जरूरतमंदों को दोनों वक्त शुद्ध भोजन मिले और कोई भूखा न रहे. उन्होंने कहा कि घर पर आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे कोरोना मरीजों के शरीर का तापमान और ऑक्सीजन लेवल नियमित तौर पर आशा के माध्यम से लेने की शुरुआत की गयी है. जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल कम होगा, उनका मेडिकल ऑब्जर्वेशन में इलाज कराया जायेगा और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया जायेगा.

मुख्यमंत्री ने ली इन बातों की जानकारी

मुख्यमंत्री ने वर्चुअली निरीक्षण के माध्यम से सामुदायिक रसोई की व्यवस्था जानकारी ली. उन्होंने भोजन बनायी जाने वाली सामग्री, भंडार कक्ष, खाने के दौरान बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और प्रत्येक सेंटर पर खाने वाले लोगों की संख्या के बारे में भी जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि पेयजल की व्यवस्था, साफ-सफाई के साथ-साथ हमेशा सैनिटाइजेशन कराते रहें. यहां कोरोना प्रोटोकॉल का पालन ठीक ढंग से कराएं.

उन्होंने कहा कि यहां पर भोजन करने वालों के अलावा कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आये. अनावश्यक भीड़ नहीं लगे. सभी लोगों को कोरोना के प्रति सचेत रहना है. सभी लोग अपनी जिम्मेदारी का बेहतर तरीके से निर्वहन करें, ताकि किसी को कोई असुविधा नहीं है.

वर्चुअल टूर में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार व चंचल कुमार मौजूद थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, आपदा प्रबंधन सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सीएम के सचिव अनुपम कुमार, पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह, एसएसपी उपेंद्र शर्मा समेत अन्य अधिकारी जुड़े हुए थे.

होम आइसोलेशन वाले मरीजों को पैकेट में मिलेगा भोजन

मुख्यमंत्री ने दो दिनों में सामुदायिक रसोई को लेकर 23 जिलों की समीक्षा की. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि प्रखंडों में सामुदायिक रसोई को लेकर सभी जिलों को निर्देश दिया गया है.

हर प्रखंड में कम-से-कम एक और आ‌वश्यकता होने पर एक से अधिक सामुदायिक रसोई खोली जा सकती हैं. उन्होंने बताया कि रोहतास के अनुभव के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि होम आइसोलेशन में रहनेवाले कोरोना मरीजों के परिजन चाहे तो वे भी इस रसोई से खाना प्राप्त कर सकते हैं. उनको पैकेट में खाना दिया जायेगा.

एप से मरीजों की निगरानी की प्रधानमंत्री ने की तारीफ

प्रत्यय अमृत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सोमवार को होम आइसोलेशन ट्रैकिंग एप लंच किया. इसकी सराहना प्रधानमंत्री ने भी की और इसकी उपयोगिता राष्ट्रीय स्तर पर तलाशने का निर्देश दिया. राज्य की 80 हजार से अधिक आशा और चार हजार आशा फैसिलिटेटर को पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर दिया गया है.

आशा अपने कार्यक्षेत्र में हर घर में जाकर बुखार से पीड़ित लोगों का तापमान और ऑक्सीजन के लेवल की जांच करेंगी. साथ ही वे उसको अपने स्तर से रियल टाइम रिपोर्ट जिले को भेजेंगी, जो राज्य मुख्यालय को प्राप्त होगी. उन्होंने बताया कि पहले चरण में इसको पांच जिलों में लागू किया गया था. अब राज्य के सभी जिलों में लागू कर दिया गया है.

Posted by Ashish Jha

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन