राबड़ी देवी को 15 दिनों का अल्टीमेटम, 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने का आखिरी नोटिस जारी

Rabri Devi Bungalow Row: पटना में सरकारी बंगले को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. सरकार की ओर से नोटिस मिलने के बाद भी राबड़ी देवी ने आवास खाली करने से इनकार कर दिया है. दूसरी ओर सरकार और भाजपा नेता नियमों का हवाला दे रहे हैं, जबकि राजद इसे राजनीतिक मामला बता रहा है.

Rabri Devi Bungalow Row: पटना के 10 सर्कुलर रोड वाले सरकारी बंगले को लेकर बिहार की राजनीति में भारी घमासान मचा हुआ है. सम्राट चौधरी सरकार से लगातार नोटिस मिलने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस बंगले को खाली करने से साफ मना कर दिया है. इसी बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि भवन निर्माण विभाग ने उन्हें 15 दिनों के भीतर हर हाल में यह घर खाली करने का आखिरी अल्टीमेटम दे दिया है. सचिवालय और विभाग के सूत्रों का कहना है कि अगर लालू परिवार इस तय समय में बंगला नहीं छोड़ता है, तो नियमों के तहत उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

राबड़ी बोलीं- सम्राट चौधरी फोर्स बुला लें

दिल्ली से वापस पटना लौटीं राबड़ी देवी ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वो चाहें तो पुलिस फोर्स बुला लें, लेकिन हम यह बंगला किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे. उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति का पारा चढ़ गया है. इस मुद्दे पर एनडीए गठबंधन के बड़े नेताओं और मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है.

राबड़ी आवास पहुंची पटना पुलिस और प्रशासन की टीम

राबड़ी देवी द्वारा बंगला खाली करने से साफ मना किए जाने के बाद शनिवार की शाम को ही पटना पुलिस और जिला प्रशासन की एक टीम उनके 10 सर्कुलर रोड स्थित घर पहुंच गई. इस हाई-प्रोफाइल बंगले के भीतर पहुंचे बड़े अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से काफी देर तक बातचीत की.

अधिकारियों ने बेहद शांति से उनसे यह सरकारी घर खाली करने और सरकार द्वारा पहले से अलॉट किए गए नए बंगले में शिफ्ट हो जाने का अनुरोध किया. कुछ देर तक बातचीत करने और नियमों का हवाला देने के बाद अधिकारियों की यह टीम वापस लौट गई.

मंत्री नंदकिशोर राम का आरोप- मेरा दलित होना अभिशाप बन गया

सरकार ने 10 सर्कुलर रोड वाले इस बंगले को अपनी कैबिनेट के मंत्री नंदकिशोर राम को अलॉट किया है, जो दलित वर्ग से आते हैं. मंत्री नंदकिशोर राम ने शुक्रवार को अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके पास इस समय पटना में रहने के लिए कोई भी सरकारी घर नहीं है. सरकार ने नियमों के तहत ही उन्हें यह बंगला दिया है. उन्होंने राबड़ी देवी के रुख पर हमला बोलते हुए कहा कि शायद मेरा दलित होना ही आज मेरे लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है, इसीलिए एक दलित मंत्री को इस घर में रहने से रोका जा रहा है.

आरजेडी का सरकार पर पलटवार, कहा- बदनाम करने की है साजिश

मंत्री नंदकिशोर राम के इस गंभीर आरोप के बाद लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी भी बचाव में उतर आई है. आरजेडी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि लालू परिवार को जनता के बीच बदनाम करने की सोची-समझी साजिश के तहत ही राबड़ी आवास को जानबूझकर एक दलित मंत्री के नाम पर अलॉट किया गया है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि तय नियमों और पुरानी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को पूरी तरह से भूलकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का यह सरकारी घर जबरन बदला जा रहा है.

भाजपा और डिप्टी सीएम की दो टूक- सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं

इस पूरे ड्रामे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कोई भी सरकारी बंगला किसी नेता या परिवार की निजी संपत्ति नहीं होता है. सरकार के नियमों और तय प्रक्रियाओं के तहत ही सभी घरों का आवंटन किया जाता है. ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी आदेश को न मानना नियमों का सीधा अपमान है.

इस मामले पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को कानून का सम्मान करना चाहिए. मकान के मामले में जो कानून कहता है, सरकार उसी के हिसाब से काम करने को पूरी तरह बाध्य है.

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दो दशक से आरजेडी की राजनीति का मुख्य केंद्र रहा है यह बंगला

पटना का 10 सर्कुलर रोड स्थित यह सरकारी आवास पिछले 20 सालों से भी ज्यादा समय से बिहार में आरजेडी की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र रहा है. लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार पिछले दो दशक से इसी बंगले में रह रहा है. हालांकि, नवंबर 2025 में तत्कालीन नीतीश सरकार ने बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड पर एक नया बंगला पहले ही अलॉट कर दिया था.

इसके बाद से उन्हें पुराना घर खाली करने के लिए कई बार नोटिस भी भेजे गए, मगर लालू परिवार ने नए मकान में शिफ्ट होने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. अब जब यह बंगला एक कैबिनेट मंत्री को अलॉट हो चुका है, तो प्रशासन इसे जल्द से जल्द खाली कराने की तैयारी में है.

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Published by: Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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