बिहार में गरीबों को नवंबर तक मिलेगा पांच किलो मुफ्त अनाज, भारत सरकार ने योजना की समय अवधि बढ़ायी

कोविड -19 महामारी के कारण चल रहे संकट के दौरान, भारत सरकार के द्वारा की गयी महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाइ)के पांचवें चरण को लागू कर दिया गया है़ जुलाई से नवंबर तक लाभुकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मिलने वाले खाद्यान्न के अतिरिक्त पांच किलो खाद्यान्न नि:शुल्क दिया जायेगा़ इसके लिए 21.77 लाख एमटी अतिरिक्त खाद्यान्न का वितरण किया गया है़ इस तरह भारत सरकार द्वारा पांच महीनों में वितरित किये जाने वाले कुल (एनएफएसए और पीएमजीकेएवाइ- 4) खाद्यान्न की मात्रा 44.79 लाख मीटरिक टन के करीब होगी़
कोविड -19 महामारी के कारण चल रहे संकट के दौरान, भारत सरकार के द्वारा की गयी महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाइ)के पांचवें चरण को लागू कर दिया गया है़. जुलाई से नवंबर तक लाभुकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मिलने वाले खाद्यान्न के अतिरिक्त पांच किलो खाद्यान्न नि:शुल्क दिया जायेगा़. इसके लिए 21.77 लाख एमटी अतिरिक्त खाद्यान्न का वितरण किया गया है़. इस तरह भारत सरकार द्वारा पांच महीनों में वितरित किये जाने वाले कुल (एनएफएसए और पीएमजीकेएवाइ- 4) खाद्यान्न की मात्रा 44.79 लाख मीटरिक टन के करीब होगी़.
एफसीआइ के बिहार क्षेत्र के महाप्रबंधक संजीव कुमार भदानी ने सोमवार को अपने कार्यालय पर प्रेस काॅन्फ्रेंस कर इसकी आधिकारिक घोषणा की़. भदानी ने कहा कि कोविड-19 महामारी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है़. इसमें बिहार की जनता को खाद्यान्न संकट का सामना न करना पड़े इसके लिए भारत सरकार ने फिर से पांच महीने के लिए (जुलाई से नवंबर ) योजना को बढ़ा दिया है़. इसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना – 4 का नाम दिया गया है़. इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली आवंटन के अतिरिक्त 21.77 लाख मीटरिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न का आवंटन किया गया है़. इसमें 8.71 लाख मीटरिक टन गेहूं एवं 13.06 लाख मीटरिक टन चावल है़ मौके पर डीजीएम शिरीष खरे, डीजीएम क्षेत्र रवि सिन्हा भी मौजूद रहे़.
संजीव कुमार भदानी ने दावा किया कि एफसीआइ यह सुनिश्चित करता है कि सभी जिलों में खाद्यान्न की पर्याप्त मात्रा रहे़. बिहार में अभी करीब दो माह का बफर स्टॉक है़. बिहार क्षेत्र के पास केंद्रीय पूल में लगभग 20 लाख मीटरिक टन खाद्यान्न राज्य की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने को उपलब्ध है़. पिछले साल 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को लागू किया गया था़. कोरोना की दूसरी लहर आने पर मई- जून में योजना का तीसरा चरण शुरू किया गया था़. इसमें कुल 8.71 लाख एमटी खाद्यान्न (3.48 लाख एमटी गेहूं तथा 5.22 लाख एमटी चावल ) का वितरण किया गया़. राज्य सरकार ने शत -प्रतिशत उठाव कर लिया गया है़.
Also Read: रांची में ही हो जाती मौत, लेकिन दो लोगों ने बचा ली जान, जानिए कब छटपटाकर रह गये थे लालू यादव
राज्य के खाद्य सुरक्षा के लिए अतिरिक्त भंडारण संरचना का निर्माण किया जा रहा है़. इसके तहत स्टेट ऑफ आर्ट तकनीक से कटिहार में 50 हजार मीटरिक टन का आधुनिक स्टील साइलो बनाया गया है़. इससे गेहूं का बफर स्टॉक उपलब्ध है़ बिहार की भंडारण क्षमता 17 लाख मीटरिक टन के करीब है़. इसमें एफसीआइ की क्षमता 10.47 लाख मीटरिक टन तथा राज्य की भंडारण क्षमता सात लाख मीटरिक टन के करीब है़. भारतीय खाद्य निगम बिहार क्षेत्र के महाप्रबंधक संजीव कुमार भदानी ने बताया कि वर्तमान में भारतीय खाद्य निगम, बिहार क्षेत्र के पास खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में राज्य सरकार के उठाव के लिए उपलब्ध है़.
Posted By: Thakur Shaktilochan
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




