बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए अगले माह से नयी अंशदान पेंशन योजना, राज्यपाल ने दी मंजूरी
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 07 Aug 2020 8:47 PM
पटना : बिहार के विश्वविद्यालयों एवं उनके अधीनस्थ अंगीभूत कॉलेजों में एक सितंबर, 2005 के पश्चात नियुक्त कर्मचारियों के लिए यह अच्छी खबर है कि अब उनका अंशदान निश्चित नियमों के तहत कटेगा और जमा होगा. नयी अंशदायी पेंशन योजना (एनपीएस) को लागू करने के लिए बने परिनियम को कुलाधिपति-सह-राज्यपाल फागू चौहान ने शुक्रवार को मंजूरी दी है. इस परिनियम की मंजूरी से विश्वविद्यालयों के हजारों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा.
पटना : बिहार के विश्वविद्यालयों एवं उनके अधीनस्थ अंगीभूत कॉलेजों में एक सितंबर, 2005 के पश्चात नियुक्त कर्मचारियों के लिए यह अच्छी खबर है कि अब उनका अंशदान निश्चित नियमों के तहत कटेगा और जमा होगा. नयी अंशदायी पेंशन योजना (एनपीएस) को लागू करने के लिए बने परिनियम को कुलाधिपति-सह-राज्यपाल फागू चौहान ने शुक्रवार को मंजूरी दी है. इस परिनियम की मंजूरी से विश्वविद्यालयों के हजारों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा.
इस परिनियम के अनुसार कर्मियों के मासिक वेतन से मूल वेतन एवं महंगाई भत्ते के योग की 10 फीसदी राशि अंशदान के रूप में काटी जायेगी. उतनी ही राशि नियोक्ता के द्वारा अंशदान के रूप में जमा की जायेगी. इस योजना के तहत पंजीकरण, फंड ट्रांसफर और रिकॉर्ड के रख-रखाव की प्रक्रिया वही होगी, जो राज्य सरकार की तरफ से निर्धारित की गयी है. शिक्षा विभाग ने इस पर पहले ही मुहर लगा दी है.
इस पेंशन योजना से पहले इन कर्मचारियों का अंशदान तो कटता था, लेकिन संस्थानों की तरफ से उनकी कोई हिस्सेदारी साझा नहीं की जाती थी. कई शैक्षणिक संस्थाओं में तो कर्मचारियों के इपीएफ खाते में अंशदान डाला ही नहीं जाता था. कुल मिलाकर पेंशन अंशदान कटने का अभी तक कोई स्पष्ट परिनियम भी नहीं था. परिनियम को मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालयों के कर्मचारी भविष्य के प्रति सुरक्षित महसूस कर सकेंगे.
राज्यपाल सचिवालय से शुक्रवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, एक सितंबर 2005 से अथवा उसके बाद योगदान करनेवाले किसी भी कर्मचारी का अंशदान यदि सामान्य भविष्य निधि में किया गया है, तो नेशनल सिक्योरिटिज डिपॉजिटरी लिमिटेड सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी में रजिस्ट्रेशन के बाद अंशदान राशि में ब्याज सहित पैसे नयी अंशदायी पेंशन योजना के नियम के अनुसार जुट जायेंगे. एनपीएस योजना के तहत कटौती अगले माह सितंबर से प्रारंभ हो जायेगी.
पेंशन संबंधी नये परिनियम के लागू होने से सभी विवि एवं उनके अधीनस्थ अंगीभूत कॉलेजों के नियमित अध्यापकों, अधिकारियों एवं सभी कर्मियों को नयी अंशदायी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा. इसका लाभ उन्हीं कर्मियों को मिलेगा, जिनकी नियुक्ति एक सितंबर 2005 को या उसके बाद हुई है.
विवि की नई पेंशन योजना से संबंधित पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण की तरफ से जारी किये गये नियमों एवं विनियमों को स्वीकार करेंगे. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड एनपीएस के तहत आच्छादित होनेवाले कर्मियों को नयी पेंशन योजना की सेवा प्रदान करने के लिए पंजीकरण, फंड ट्रांसफर और रिकॉर्ड को बिल भेजेगी. वह नेशनल सिक्योरिटीज डिपाजिटरी लिमिटेड को भुगतान करेगा. राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत नयी योजना के अधीन भी संबंधित कर्मियों के सेवा-काल में तथा सेवानिवृत्ति के बाद निकासी के संदर्भ में अधिसूचित प्रावधान ही लागू होंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










