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Bihar Politics: कन्हैया और पप्पू का साथ मिलते ही कांग्रेस यूपी की तर्ज पर खुद को बदलने की कवायद में जुटी

Bihar Politics कांग्रेस वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव बिहार में सभी सीटों पर लड़ेगी. बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास के बयान ने साफ कर दिया है कि बिहार में कांग्रेस अब अपनी जमीन मजबूत करने की कवायद में जुट गई है.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
यूपी की तर्ज पर खुद को बदलने की कवायद जुटी कांग्रेस
यूपी की तर्ज पर खुद को बदलने की कवायद जुटी कांग्रेस
प्रभात खबर

राजेश कुमार ओझा

पटना. बिहार में अपना दमखम पूरी तरह खो चुकी कांग्रेस अब कन्हैया और पप्पू का साथ लेकर बिहार में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटी है. कांग्रेस वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव बिहार में सभी सीटों पर लड़ेगी. बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास के बयान ने साफ कर दिया है कि बिहार में कांग्रेस अब अपनी जमीन मजबूत करने की कवायद में जुट गई है. कांग्रेस के बयान पर अक्सर पलटवार करने वाले राजद नेता अब भक्त चरण दास के बयान पर पलटवार करने के बदले कैमरा से बचते दिख रहे हैं. इधर, भक्त चरण दास का यह बयान राजनीति के गलियारे में काफी सूर्खियां बटोर रही है.

पप्पू से भेंट के बाद दास ने राजद पर किया वार

कांग्रेस 2024 में अपने दम खंभ पर लोकसभा का चुनाव लड़ेगी. दास ने यह दावा जाप प्रमुख पप्पू यादव से मिलने के बाद और कन्हैया के बिहार पहुंचे के ठीक पहले किया है. राजनीतिक पंडित इस मुद्दे का विशलेषण अपने अपने स्तर से कर रहे हैं. सीनियर पत्रकार लव कुमार मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस ने यह एक बड़ा फैसला लिया है. इसपर वो कायम रहेगी इसपर फिलहाल सवाल उठेंगे. लेकिन, कांग्रेस अपने फैसले पर कायम रहती है तो राजद के लिए परेशानियां बढ़ने वाली है. कांग्रेस ने कन्हैया और पप्पू यादव को चुनाव मैदान में उतारकर तेजस्वी के लिए एक बड़ी लकीर खींचने का प्रयास किया है. क्योंकि बिहार में हो रहे विधान सभा के उप चुनाव में इस दफा लालू प्रसाद भी उनके साथ नहीं हैं.

राजद की नई दोस्ती ने कांग्रेस

राजद की वामदलों से बढ़ती दोस्ती ने कांग्रेस को बड़ा सबक दिया है. विधानसभा चुनाव में राजद ने कांग्रेस की तुलना में वामदलों को ज्यादा महत्व दिया. हालांकि गठबंधन में मिलने वाली सीटों की संख्या तो 70 थी, परंतु अधिकांश गिनती की थीं. बकौल अजीत शर्मा कांग्रेस को 30 से 40 सीटें ऐसी दी गई थीं, जहां पहले से ही हार तय थी. दूसरी तरफ वामदलों को मिलने वाली सीटों की संख्या भले ही कम थी, किंतु सबके सब मनचाही और जनाधार वाली थीं. सूत्र कहते हैं कि कांग्रेस को इसका मलाला है. अजीत शर्मा कहते हैं कि 27 विधायकों वाली पार्टी को 70 सीटें दी जाती हैं और जिस दल का एक भी विधायक नहीं है, उसे 20 सीटें दे दी जाती हैं. राजद के वरीय नेता शिवानंद तिवारी ने सरकार नहीं बना पाने का ठीकरा कांग्रेस के माथे फोड़ कर रही सही कसर भी पूरा कर दिया.

परिणाम तय करेगा नई राह

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा कहते हैं कि हमें दोनों सीटों पर भरपूर समर्थन मिल रहा है. यह समर्थन जीत में तब्दील हुआ तो हम बिहार में एक नई राह चुनेंगे. पार्टी आला कमान से भी अपनी फरियाद करेगी. लेकिन यह सब कुछ चुनाव परिणाम पर ही निर्भर करता है. हम अपनी जीत के लिए शनिवार से अपना चुनाव प्रचार तेज करेंगे. कन्हैया पटना पहुंच चुके हैं. पप्पू यादव ने भी कांग्रेस को अपना साथ दे दिया है. दोनों शनिवार से काग्रेस प्रत्याशी के लिए वोट मांगेंगे.

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