1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. bank account of bihar ladies is easy target for cyber criminals fraud involved in black market of oxygen cylinder and remdesivir during coronavirus in bihar news skt

ठगों के काम आ रहे बिहार में महिलाओं के बैंक खाते, कोरोनाकाल में हो रहा करोड़ों का ट्रांजेक्शन, जानिए कैसे हुआ खुलासा

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
प्रतीकात्मक तस्वीर.
प्रतीकात्मक तस्वीर.
सोशल मीडिया.

दिल्ली में हुए ऑक्सीजन सिलिंडर और रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी मामले में पुलिस की जांच के क्रम में एक बड़ा खुलासा हुआ है. बिहार की महिलाओं का बैंक खाता जालसाजों के लिए पैसा जमा करने और गलत इस्तेमाल के लिए एक आसान जरिया बन चुका है. इसका खुलासा तब हुआ जब दिल्ली में कालाबाजारी के दर्ज शिकायत की जांच को लेकर शनिवार को दिल्ली पुलिस की टीम भागलपुर पहुंची. यहां एक मजदूर वर्ग की महिला को उसके खाते से 90 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई. महिला की गिरफ्तारी के बाद बड़े गैंग का खुलासा भी हुआ है.

शनिवार को पुलिस ने दिल्ली पुलिस ने एक दर्जन से अधिक लोगों की तलाश में छापेमारी की. यह छापेमारी दिल्ली में दर्ज एक शिकायत के मामले में हुई. शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने ऑक्सिजन सिलिंडर और रेमडेसिविर दवा को लाखों रुपये में खरीदा और पैसे ऑनलाइन बैंक खाते में भेजे गए थे.पैसे भेजने के बाद भी उसे ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं दिया गया जिससे उसके मरीज की मौत हो गई. जब उस खाते की जांच में पुलिस जुटी तो वो बिहार में महिलाओं का खाता निकला.

बैंक प्रबंधन ने कालाबाजारी के दौरान ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल किये गये खातों की विस्तृत जानकारी निकाली. इसमें पाया कि भागलपुर की 21 महिलाओं के बैंक खातों को कालाबाजारी के दौरान पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया गया है. जिसके बाद दिल्ली पुलिस बिहार पहुंची और भागलपुर की एक महिला(सरिता देवी) को गिरफ्तार किया. ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस उसे दिल्ली लेकर गई है.

पूछताछ के क्रम में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब सरिता देवी ने बताया कि कुछ माह पूर्व ही उसका छोटा भाई अपने एक साथी को लेकर उसके पास आया था. जिसका नाम रौशन सिंह है और वो बेगूसराय का निवासी है. गिरफ्तार महिला सरिता देवी ने पुलिस को बताया कि रौशन सिंह रेलवे में मुंशी का काम करता है.उसने एनजीओ के तहत कई योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आमापुर व पक्कीसराय में कई महिलाओं का बैंक खाता खुलवाया. जिसमें उसकी बहन का भी खाता खोला गया.

सरिता देवी ने बताया कि रौशन सिंह ने 21 महिलाओं का आधार कार्ड लेकर उनके नाम से नया सिम कार्ड लिया.उसी मोबाइल नंबर को बैंक खाते में जोड़ा गया. इस दौरान एचडीएफसी बैंक में सात महिला, केनरा बैंक में नौ महिला और यूनियन बैंक में पांच महिलाओं के खाते खुलवाये गये.सभी 21 महिलाओं के बैंक खातों के पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड सहित नये मोबाइल नंबरों के सिम भी रौशन सिंह अपने साथ लेकर चला गया. इसके बाद से बैंक खातों में दिल्ली सहित पूरे देश में कोविड 19 के दौरान हुए ऑक्सीजन सहित अन्य दवाओं की कालाबाजारी को लेकर भारी मात्रा में पैसों की लेन-देन की गयी.

बता दें कि सरिता देवी पर आरोप है कि उनके बैंक खाते से ऑक्सीजन सिलिंडर और रेमडेसिविर दवा के कालाबाजारी के दौरान पैसों का लेन-देन किया गया. एचडीएफसी बैंक के कहलगांव शाखा से 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया. वहीं आरोपित महिला का कहना है कि वो बड़े गैंग का शिकार बनी है. उसे झांसे में रखकर ये सब काम किया गया है. जिसकी उसे भनक तक नहीं लगी. सरिता देवी का पति ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता है.

दिल्ली पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि सरिता देवी सहित कई अन्य महिलाओं ने भाड़े पर अपना बैंक खाता कालाबाजारी करने वाले गिरोह के सदस्यों को मुहैया कराया. हालांकि सरिता देवी को दिल्ली ले जाकर पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ करेगी, जिसके बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें