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पुराने बैंक लुटेरों की पहचान कर रद्द करायी जायेगी जमानत

Updated at : 30 Oct 2019 6:41 AM (IST)
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पुराने बैंक लुटेरों की पहचान कर रद्द करायी जायेगी जमानत

पटना : राज्य में लूट या डकैती की वारदात खासकर बैंक लूट के मामलों में नकेल कसने के लिए जेल से बाहर निकले लुटेरों की पहचान कर उनका बेल रद्द कराया जायेगा. सभी जिलों को पुराने बैंक लुटेरों की पहचान कर इनकी मौजूदा गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर इनका बेल […]

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पटना : राज्य में लूट या डकैती की वारदात खासकर बैंक लूट के मामलों में नकेल कसने के लिए जेल से बाहर निकले लुटेरों की पहचान कर उनका बेल रद्द कराया जायेगा. सभी जिलों को पुराने बैंक लुटेरों की पहचान कर इनकी मौजूदा गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर इनका बेल रद्द कराकर जेल भेजने को कहा गया है.

सीआइडी ने इन तमाम बातों के मद्देनजर सभी जिलों को विशेष रूप से एडवाइजरी जारी की है. इसमें जिन-जिन जिलों में हाल में बैंक या अन्य किसी तरह के लूट की वारदातें हुई हैं, उन्हें आसपास के जिलों का अध्ययन करने के लिए भी कहा गया है. पिछले दिनों पटना समेत अन्य शहरों में बैंक और ज्वेलरी दुकानों में हुई लूट की घटनाओं के मोडस ऑपरेंडी की पड़ताल की गयी.
इसमें यह यह बात सामने आयी कि इन वारदातों को अंजाम देने में बड़ी संख्या में पुराने या बेल पर छूटकर आये लुटेरे ही शामिल हैं. ऐसे में इन लुटेरों के बेलर बनने वाले लोगों की पहचान करने के लिए भी कहा गया है. यह भी देखा गया है कि कई लुटेरे फर्जी बेलरों को खड़ा करके बेल ले रहे हैं. दीपावली के आसपास बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य अभियुक्त विकास सिंह ने हाल में किसी फर्जी बेलर की मदद से बेल लेकर जेल से बाहर आया था और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया था.
पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ीं लूट की घटनाएं
राज्य में पिछले वर्ष की तुलना में लूट की वारदातों में बढ़ोतरी हुई है. पिछले साल राज्यभर में करीब दो हजार ऐसी वारदातें हुई थीं. इसमें करीब 100 घटनाओं की बढ़ोतरी अब तक दर्ज की जा चुकी है. लूट और डकैती के लंबित पड़े मामलों की संख्या करीब डेढ़ हजार है. ऐसे में सभी घटनाओं की पड़ताल तेज करने के लिए सभी जिलों को खासतौर से निर्देश दिया गया है.
इसमें शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी भी तेज करने के साथ ही बेल तुड़वाने और उन्हें बेल नहीं दिलाने के लिए भी खासतौर से पहल करने का निर्देश दिया गया है. जो भी किसी अपराधी का बेलर बनता है, उसके बारे में भी पूरी जानकारी जुटा कर रखने के लिए कहा गया है. रिश्तेदारों के अलावा अन्य कोई बेलर बनता है, जो संबंधित व्यक्ति के बारे में भी पूरी पड़ताल करने को कहा गया है.
इस साल उत्तर बिहार में बैंक व एटीएम लूट
28 अक्तूबर, 2019 : शिवहर में यूको बैंक से 32.36 लाख की लूट
कार्रवाई : लुटेरों को पकड़ने के लिए एसआइटी गठन
12 सितंबर 2019: पश्चिमी चंपारण के चनपटिया के टिकुलिया चौक स्थित एसबीआइ की एटीएम को काट कर ले गये अपराधी. करीब 28 लाख रुपये थे.
कार्रवाई : एक अक्तूबर को पुलिस ने पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर दोनों एटीएम मशीनें बरामद कीं. 12 लाख कैश भी बरामद.
25 सितंबर 2019: पश्चिमी चंपारण के शिकारपुर थाने के धुमनगर चौक से इंडिकैश बैंक की एटीएम अपराधी चुरा ले गये. इसमें ढाई लाख रुपये थे.
17 फरवरी, 2019 : पूर्वी चंपारण के पताही स्थित एसबीआइ की शाखा से 34 लाख की चोरी.
कार्रवाई : सात माह बाद भी नहीं हो सका खुलासा
13 सितंबर 2019 : पूर्वी चंपारण के चकिया बाजार स्थित बंधन बैंक से करीब 11 लाख रुपये की लूट
कार्रवाई : पुलिस ने दो अपराधियों को पकड़ा.
सभी जिलों को लूट की वारदातों में शामिल अपराधियों की पहचान कर उनका बेल रद्द कराने या गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है. जिन जिलों में लूट खासकर बैंक लूट की घटनाएं हुई हैं, उनमें शामिल एक-एक अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है.
विनय कुमार, एडीजी, सीआइडी
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