शिक्षा के लिए बिहार को मिले और अधिक राशि : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Sep 2019 7:09 AM

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प्रस्वावित नयी शिक्षा नीति में संवैधानिक पक्ष स्पष्ट नहीं पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा तैयार नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे पर कहा कि इसमें संवैधानिक पक्ष स्पष्ट नहीं है. बुधवार को मगध महिला कॉलेज परिसर में छात्रावास शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित शिक्षा नीति अस्पष्ट है. उसे […]

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प्रस्वावित नयी शिक्षा नीति में संवैधानिक पक्ष स्पष्ट नहीं
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा तैयार नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे पर कहा कि इसमें संवैधानिक पक्ष स्पष्ट नहीं है. बुधवार को मगध महिला कॉलेज परिसर में छात्रावास शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित शिक्षा नीति अस्पष्ट है. उसे कैसे संचालित किया जायेगा, उसकी संवैधानिक स्थिति क्या होगी? इसका कोई अता-पता नहीं है. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को केंद्र से और अधिक राशि मिलने की जरूरत बतायी.
दो दिन बाद बिहार रखेगा अपना पक्ष : मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन अभी काफी कुछ स्पष्ट किया जाना चाहिए. इस मामले में राज्य के अपने अनुभव हैं. शिक्षा व्यवस्था को पंचायत, नगर निकाय और दूसरी संस्थाएं चला रही हैं.
नयी शिक्षा नीति में इन संस्थाओं के बारे में कुछ भी नहीं है. इसलिए हम अपना पक्ष रखेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन बाद राज्य के प्रतिनिधि के तौर पर शिक्षा मंत्री और विभाग के प्रधान सचिव अपना मत केंद्र के सामने रखने दिल्ली जा रहे हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कुल बजट की 20% राशि करने का निर्णय लिया है. इससे प्रदेश में शिक्षा की तस्वीर बदली है.
स्टूडेंट क्रेडिट योजना के संदर्भ में उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि ऐसे विद्यार्थी, जो इस योजना के जरिये पढ़कर नौकरी नहीं हासिल कर सके, उन्हें लोन लौटाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि हर स्कूल में जल जीवन और हरियाली कार्यक्रम को मजबूती से शुरू कराया जायेगा.
रामजन्म भूमि पर
राम जन्म भूमि बाबरी मस्जिद मामले में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. इस पर प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं है. उन्होंने इतना भर कहा कि सुप्रीम कोर्ट को जो उचित लगे, वह निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है.
मगध महिला कॉलेज में हॉस्टल का शिलान्यास
विवि के स्वर्ण पदक विजेता विद्यार्थियों को 31-31 हजार रुपये
समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के स्वर्ण पदक विजेता विद्यार्थियों को 31-31 हजार रुपये देने की घाेषणा की. उन्होंने कहा कि चालू शैक्षणिक सत्र से इसकी शुरुआत हो जायेगी. प्रदेश के विश्वविद्यालयों में सालाना करीब 400 से अधिक स्वर्ण पदक विजेता विद्यार्थी होते हैं, यह सम्मान राशि दी जायेगी.
बिहार में शिक्षा का बजट आठ गुना बढ़ा
सीएम ने कहा कि जब उन्होंने 2005-2006 में सत्ता संभाली थी, तब प्रदेश में शिक्षा का बजट मात्र 4261 करोड़ था, जो 2018-19 में बढ़कर 32 हजार करोड़ हो गया है. कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री बिहार उन्नयन योजना और स्टूडेंट क्रेडिट योजना का उल्लेख करतेे हुए उन्होंने कहा कि इससे लड़कियों का सामाजिक और शैक्षणिक परिदृश्य बदला है.
मगध महिला, बापू भवन और सभ्यता द्वार का स्ट्रक्चर एक जैसा दिखना चाहिए
नीतीश कुमार ने कहा मगध महिला कॉलेज, बापू भवन और सभ्यता द्वार का स्ट्रक्चर एक जैसा दिखना चाहिए, ताकि सभी एक प्रांगण का हिस्सा लगे. इससे पूरे परिसर की खुबसूरती बढ़ जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई लोग हैं, जिनका विकास से कोई लेना-देना नहीं है. वे बेमतलब के काम में लगे रहते हैं. ऐसे लोग प्रशासन में भी हैं, लेकिन वे उसकी सजा भी भुगतते हैं.
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