पुराने वाहन हटाने को कोर्ट भी जायेंगे

Updated at : 28 Aug 2019 7:31 AM (IST)
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पुराने वाहन हटाने को कोर्ट भी जायेंगे

पटना : उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार 15 साल पुराने वाहनों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है. उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठों मेें अगर क्लीनर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं हुआ, तो एक सितंबर से ईंट भट्ठों पर पाबंदी लगा दी […]

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पटना : उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार 15 साल पुराने वाहनों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है. उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठों मेें अगर क्लीनर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं हुआ, तो एक सितंबर से ईंट भट्ठों पर पाबंदी लगा दी जायेगी.

बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार घोष, नगरीय विकास के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आलोक कुमार, क्रेडाइ और राष्ट्रीय बिल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और शहर के बड़े बिल्डर्स उपस्थित रहे.
बिल्डर्स की आपत्ति : क्रेडाइ और दूसरे बिल्डर्स ने भवन निर्माण के ठोस कचरे के प्रबंधन की कठिनाइयां गिनायीं. उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को जगह देनी होगी. इससे निर्माण की लागत भी बढ़ेगी, जिसका भार कस्टमर पर पड़ेगा.
निर्माण कार्यों के लिए कॉमन सिंगल विंडो सिस्टम में सारे क्लीयरेंस एक साथ
पटना : नगरीय विकास के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने बिल्डर्स और दूसरी निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों को अरण्य भवन में आयोजित एक विशेष वर्कशॉप में बताया कि निर्माण से संबंधित मामलों के में एक नया बायलॉज तैयार किया रहा है. इसमें सभी तरह की आपत्तियों एवं सुझावों को समाहित किया गया है.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि तमाम तरह की अनापत्ति प्रमाण पत्र(एनओसी) के लिए विभाग एक सिंगल विंडो सिस्टम लाने जा रहा है. इस सिस्टम के तहत पर्यावरण,प्रदूषण, फायर आदि एनओसी एक ही आवेदन पर हासिल हो जायेंगी.
उन्होंने कहा कि नये बायलॉज में तमाम नये प्रावधान शामिल किये गये हैं. बताया कि बिल्डिंग के ठोस मटेरियल को ठिकाने के लिए सरकार मौका दे सकती है.
बिल्डर्स अफसरों को ऐसे घेरा
फ्लाइ एश की अनुपलब्धता का मामला बिल्डर्स ने उठाया कहा कि उन्हें मांग के अनुरूप एश नहीं मिल रही है. विभागीय अफसरों ने इसे स्वीकार किया.
– विभागीय अफसर उस समय चुप रहे गये जब बिल्डर्स ने रेरा पर मनमर्जी से काम करने का आरोप लगाया. आरोप में कहा कि भवन निर्माण का विज्ञापन देने और उसकी बिक्री से पहले से रेरा एनओसी मांग रहा है.
नया नियम
नगरीय विकास प्रधान सचिव ने बताया कि जल्दी ही एक नोटिफिकेशन आ रहा है कि किसी भी थर्मल प्लांट के एक विशेष दायरे में क्ले ब्रिक्स प्लांट खोलने की अनुमति नहीं दी जायेगी.
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