पटना : राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं बना पा रहे सूबे के छात्र संघ के नेता

Updated at : 27 Mar 2019 9:43 AM (IST)
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पटना : राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं बना पा रहे सूबे के छात्र संघ के नेता

अमित कुमार पटना : एक समय राजनीति की पाठशाला कहे जाने वाले पटना विवि के छात्र नेता अब प्रशिक्षु राजनीतिज्ञ भर बनकर रह जा रहे हैं. राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना पा रहे हैं. ये छात्र नेता कहीं किसी पार्टी को ज्वाइन करने के बाद बहुत आगे नहीं बढ़ पा रहे […]

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अमित कुमार
पटना : एक समय राजनीति की पाठशाला कहे जाने वाले पटना विवि के छात्र नेता अब प्रशिक्षु राजनीतिज्ञ भर बनकर रह जा रहे हैं. राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना पा रहे हैं.
ये छात्र नेता कहीं किसी पार्टी को ज्वाइन करने के बाद बहुत आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. पिछले चार दशकों से ऐसा देखने को मिल रहा है कि न तो राजनीतिक दलों ने किसी भी छात्र नेता को तवज्जो दिया है और न ही ये छात्र नेता अपने दम पर ही नेता बनकर उभरे हैं.
एक समय था जब पटना विवि में राज्य व राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं ने राजनीति का ककहरा सीखा और आज वे राजनीति के शिखर पर हैं. इनमें ज्यादातर ने छात्र संघ का प्रतिनिधित्व किया था तो कुछ ने बिना संघ का चुनाव लड़े भी अपनी जगह राजनीति में बनायी.
28 वर्षों के बाद छात्र संघ चुनाव 2012 में हुए उस समय जो नेता सेंट्रल पैनल में चुनकर आये, उनमें पूर्व अध्यक्ष आशीष सिन्हा बीजेपी में हैं. वर्तमान में पीयू के सीनेट सदस्य मनोनीत हुए हैं. मुख्य पेशा वकालत है. अच्छे क्रिकेटर भी हैं. पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष अंशुमान एक समाजसेवी हैं और उन्होंने पटना साहिब से सांसद के लिए निर्दलीय लड़ने की घोषणा की है. पीयू के ही एक अन्य छात्र नेता ललित सिंह ‘मिलन’ ने काराकाट लोकसभा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की घोषणा की है.
पीयू छात्र संघ ने राष्ट्रीय स्तर के कई नेता दिये
राज्य के मुखिया नीतीश कुमार से लेकर मुख्य विपक्षी दल के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तक कई बड़े नेता पीयू छात्र संघ से निकले. नीतीश कुमार इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष तो वहीं 1973-74 में लालू प्रसाद पीयू छात्र संघ अध्यक्ष थे. उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी महासचिव तथा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद उसी समय संयुक्त सचिव थे. 1977 में अश्विनी कुमार चौबे छात्र संघ में महासचिव थे.
कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा 1980 में छात्र संघ अध्यक्ष रहे. संघ के महासचिव रहे रणवीर नंदन विधान पार्षद रह चुके हैं. 1977 में अध्यक्ष रहे श्याम सुंदर सिंह धीरज कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हैं. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रो रामजतन सिन्हा 1970 में छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं. 1990 में छात्र संघ में महासचिव रहे प्रो रणधीर कुमार सिंह कांग्रेस से मीरगंज से विधायक का चुनाव लड़े. हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली. वर्तमान में वे पूटा के अध्यक्ष हैं.
बिना छात्र संघ में रहे बनायी पहचान
कई एेसे नेता हैं जो छात्र संघ के चुनाव से दूर रहे, लेकिन देश और राज्य की राजनीति में अपनी अच्छी पहचान बनायी. पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा जो इस चुनाव में कांग्रेस की ओर से भाग्य आजमाने की सोच रहे हैं, वे साइंस कॉलेज के छात्र हैं.
लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान पीजी साइकोलाॅजी, कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष समीर सिंह पीयू में पीजी समाजशास्त्र, प्रो चंद्रमा सिंह और विधायक श्याम रजक वाणिज्य कॉलेज तथा विधान पार्षद नवल किशोर यादव साइंस कॉलेज के छात्र रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा भी पीयू के छात्र रहे हैं.
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