ऑटोवाले अंकल आगे बैठाते और दिखाते हैं अश्लील वीडियो

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पैरेंट्स से शिकायत करने पर ऑटो चालक रास्ते में करते हैं बच्चों को परेशान
पटना : ऑटोवाले अंकल आगे की सीट पर अपने बगल में बैठा लेते हैं. कई बार उनका हाथ मेरे हाथ में टच हो जाता है. वह पांव भी छू लेते हैं. कभी ऑडियो चलाते हैं, तो कभी वीडियो पर अश्लील मूवी दिखाते हैं और कहते हैं कि विदेशी मूवी ऐसी ही होती है. हमलोग आगे वाली सीट पर नहीं बैठना चाहते हैं, तो अंकल डांट देते हैं.
उक्त बातें सेंट कैरेंस हाइस्कूल की छठी क्लास में पढ़नेवाली पल्लवी (परिवर्तित नाम) व उसकी सहपाठियों ने कहीं. छात्राओं ने कहा कि चौराहे पर पुलिस के डर से ऑटोवाले अंकल वीडियो बंद कर देते हैं. आये दिन ऐसी घटनाएं स्कूली बच्चों के साथ होती रहती हैं. इसमें कोई एक स्कूल का ऑटो या वैन शामिल नहीं हैं, बल्कि कई बड़े स्कूलों के ऑटो और वैन का भी यही हाल है. ऐसा नहीं है कि यह मामला घर तक नहीं जाता है. बच्चे घर जाकर शिकायत भी करते हैं. कई अभिभावक ऑटो चालकों को डांटते भी हैं, लेकिन इसका खामियाजा बच्चों को अगले दिन स्कूल आने-जाने के क्रम में भुगतना पड़ता है. नाराज ऑटो चालक बच्चों को परेशान करते हैं.
भोजपुरी अश्लील गाने का मतलब भी बताते हैं अॉटोवाले : स्कूल से घर जाने में कम से कम आधा घंटा लगता है. कई ऑटो को तो एक घंटा भी लग जाता है. सेंट कैरेंस हाइस्कूल में पांचवी की छात्रा ज्याेति (परिवर्तित नाम) ने बताया कि रास्ते भर ऑटो वाले अंकल भोजपुरी गाना बजाते हैं. उनकी गाड़ी में ऑडियो लगा है. कई बार मोबाइल से ही गाने बजाते हैं. गाने के साथ पिक्चर भी दिखाते रहते हैं. गाने के बाेल हमें समझ में नहीं आता है. ऑटोवाले हमें शब्द का मतलब भी बताते हैं.
स्कूल और घर में मिलता गाइड पर बाहर हो रहे मिसगाइड : घर में मम्मी-पापा का प्रोपर गाइड, स्कूल में क्वालिटी एजुकेशन, लेकिन अभिभावकों को पता नहीं कि जिस वाहन से वह अपने बच्चे को स्कूल भेजते हैं, उसमें बच्चे मिसगाइड होते हैं. लोयेला हाइस्कूल में पढ़ रहे एक बच्चे के अभिभावक पंकज मिश्रा ने बताया कि जिस ऑटो से बच्चे को स्कूल भेजते थे, वह ऑटो चालक गाली बहुत देता था. इससे उनके बच्चे को गाली देने की आदत लग गयी. पता करने पर जब मुझे यह जानकारी मिली तो उन्होंने फिर दूसरा ऑटो ठीक किया.
अभिभावक रखें इनका ध्यान
जिस ऑटो से बच्चे को स्कूल भेज रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी रखें.
ऑटोवाले का मोबाइल नंबर और उसकी फैमिली बैकग्राउंड का डिटेल्स रखें.
ऑटोवाले के व्यवहार को लेकर बच्चे से हमेशा जानकारी लेते रहें.
किसी तरह की दिक्कत हो तो तुरंत ऑटो चेंज कर दें.
स्कूल और प्रशासन को भी होना होगा सजग
छुट्टी के समय हर स्कूल के गेट पर पुलिस की तैनाती होनी चाहिए.
ऑटोवाला कौन है, इसकी जानकारी पुलिस को भी होनी चाहिए.
स्कूल और पुलिस के बीच तालमेल होनी चाहिए.
स्कूल काे पता होना चाहिए कि बच्चे का आना-जाना कैसे होता है.
बच्चों को ऑटो व वैन में होने वाली ये हैं परेशानियां हाइ स्पीड में गाड़ियां चलायी जाती हैं.
बच्चों के सामने ऑटोवाले गालियां देते हैं. इससे बच्चे भी गाली सीख जाते हैं.
भोजपुरी अश्लील गाने बजाते हैं. इससे गाड़ी में बैठे बच्चे परेशान होते हैं.
गाड़ियों में न तो परदे होते हैं और न ही दरवाजे. इससे बाहर का धूल अंदर आता है.
कई बार अश्लील वीडियो चालक खुद भी देखता है और बच्चों को भी दिखाता है.
अचानक से ब्रेक लगा देता है, जिससे कई बच्चों को चोटें लग जाती हैं.
अभिभावक बोले
कई बार बच्चे इन सब परेशानियों को लेकर शिकायत करते हैं. इसके बाद हम ऑटोवाले को डांटते भी हैं. लेकिन, ऑटो वाला यह मानने को तैयार नहीं होता है. जोर से डांटने पर ही अॉटोवाले मानते हैं. पुलिस में शिकायत करने पर आगे ऐसा नहीं करने की कसम खाते हैं. कई बार ऐसा हो चुका है.
राघव सिंह, अभिभावक, सेंट कैरेंस हाइस्कूल
मेरे बच्चे आये दिन मुझसे भोजपुरी के कई वर्ड की मीनिंग पूछते हैं. बच्चे से पूछने पर पता चलता है कि वैन का ड्राइवर रास्ते में भोजपुरी गाना बजाते हुए आता है. उस गाने में ही ऐसे अश्लील शब्द का प्रयोग होता है.
अलका वर्मा, अभिभावक, माउंट कार्मेल हाइस्कूल
वैन से बेटी आती-जाती है. कई बार शिकायत करती है कि ऑटोवाले आगे बैठने की जिद करते हैं. सीट फुल हो जाने के कारण कई बार उसे आगे की सीट पर बैठना पड़ता है. मिरर से पीछे बैठी लड़कियों को देखना और आगे बैठी लड़कियों को टच करने जैसी कई बात वह बताती है.
रश्मि कुमारी, अभिभावक, नॉट्रेडम एकेडमी
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