रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में सुबह 8 बजे खुलती है ओपीडी, लेकिन 9 बजे तक बंद रहता है दवा काउंटर, व्यवस्था से मरीज परेशान

Nawada News : नवादा जिले के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. यहां मरीजों को इलाज से ज्यादा इंतजार की पीड़ा झेलनी पड़ रही है. ओपीडी समय पर शुरू होने के बावजूद दवा वितरण काउंटर देर तक बंद रहने से मरीज और उनके परिजन परेशान दिखे.

Nawada News : (कुमार मनीष देव) नवादा जिले के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. यहां मरीजों को इलाज से ज्यादा इंतजार की पीड़ा झेलनी पड़ रही है. ओपीडी समय पर शुरू होने के बावजूद दवा वितरण काउंटर देर तक बंद रहने से मरीज और उनके परिजन परेशान दिखे. शुक्रवार को कई मरीजों को दवा के लिए घंटों भटकना पड़ा, जबकि कुछ को मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ी.

दवा काउंटर बंद, मरीजों की बढ़ी परेशानी

अस्पताल में सुबह 8 बजे ओपीडी सेवा शुरू हो गई थी, लेकिन दवा वितरण काउंटर 9 बजे तक बंद पड़ा रहा. इस दौरान मरीज पर्ची लेकर इधर-उधर भटकते रहे. अस्पताल परिसर में मौजूद लोग फार्मासिस्ट का इंतजार करते नजर आए. वहीं सफाईकर्मी 8:40 बजे तक दवा कक्ष में झाड़ू-पोछा करते दिखे, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया.

एलर्जी से पीड़ित बच्चा एक घंटे तक तड़पता रहा

रजौली निवासी गोपाल सिंह अपने 12 वर्षीय पुत्र प्रिशु राज को लेकर सुबह अस्पताल पहुंचे थे. एलर्जी की शिकायत पर चिकित्सक ने दवा लिख दी, लेकिन काउंटर बंद रहने के कारण बच्चे को करीब एक घंटे तक बिना दवा के इंतजार करना पड़ा. परिजन बार-बार अस्पताल कर्मियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

छिपकली काटने के बाद महिला करती रही इंतजार

करमा खुर्द की रीता देवी को छिपकली ने काट लिया था. डॉक्टर ने तुरंत इंजेक्शन लिख दिया, लेकिन दवा काउंटर बंद होने के कारण उन्हें भी काफी देर तक बैठना पड़ा. वहीं पुरानी बस स्टैंड निवासी रानी देवी अपने बच्चों के इलाज के लिए सुबह 5 बजे से अस्पताल में मौजूद थीं, लेकिन दवा नहीं मिलने से परेशान रहीं.

हंगामे के बाद जीएनएम ने संभाली व्यवस्था

मरीजों और परिजनों के हंगामे के बाद ड्यूटी पर मौजूद एक जीएनएम ने दवा वितरण शुरू किया. इसके बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली. हालांकि लोगों ने सवाल उठाया कि जब जीएनएम दवा बांट सकती हैं तो फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में पहले व्यवस्था क्यों नहीं की गई.

स्थानीय फार्मासिस्ट पर लापरवाही का आरोप

अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पदस्थापित फार्मासिस्ट स्थानीय होने के कारण अक्सर देरी से आते हैं. इसी वजह से मरीजों को हर दिन परेशानी झेलनी पड़ती है. कई लोगों ने डायल 104 पर कॉल कर अस्पताल प्रबंधन की शिकायत भी दर्ज कराई.

अस्पताल प्रबंधन ने मानी स्टाफ की कमी

अस्पताल मैनेजर विकास कुमार ने बताया कि फार्मासिस्ट रास्ते में थे, इसलिए देरी हुई. मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों से दवा वितरण कराया गया. वहीं प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार ने स्वीकार किया कि अस्पताल में पांच फार्मासिस्ट के पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ एक ही तैनात है. उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है और नए फार्मासिस्ट की बहाली तक मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है.

Also Read : बेगूसराय में 26 मई को लगेगा सहयोग शिविर, अधिकारी सुनेंगे पंचायत स्तर पर जनता की समस्याएं

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vivek Singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >