Nawada News: नवादा जिले के अकबरपुर अंचल के राजा देवर गांव में नाली निर्माण को लेकर हुए विवाद ने सोमवार को खूनी रूप ले लिया. दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी इतनी ज्यादा बढ़ गई कि सगे भाई ने अपने ही भाई की हत्या कर दी. इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच भय व शोक का माहौल है. नेमदारगंज थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से घर के सामने नाली निर्माण और गंदे पानी की निकासी के विवाद को लेकर तनातनी चल रही थी, जो सोमवार को हिंसक झड़प में तब्दील हो गई.
धारदार हथियार से किया जानलेवा हमला
थानाध्यक्ष ने बताया कि सोमवार को भी इसी पुरानी रंजिश और पानी बहाने के मुद्दे पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई थी. देखते ही देखते विवाद इतना उग्र हो गया कि दोनों परिवारों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे. इसी दौरान गुस्से में तमतमाए बड़े भाई ने अपने सगे छोटे भाई पर धारदार हथियार और भारी डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. सिर और छाती में गंभीर चोट लगने के कारण युवक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा. परिजन उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
आरोपी सुधीर ठाकुर को पुलिस ने दबोचा
हत्या की इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही नेमदारगंज थाना पुलिस दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से ही फरार होने की फिराक में लगे मृतक के भाई जयनन्दन ठाकुर के पुत्र सुधीर ठाकुर (उम्र 35 वर्ष) को धर-दबोचा. पुलिस की प्रारंभिक जांच और आसपास के ग्रामीणों से की गई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतक अखिलेश ठाकुर और आरोपी सुधीर के परिवारों के बीच पहले भी कई बार पंचायत हुई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका था.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सगे भाई द्वारा भाई की हत्या के बाद से पूरे राजा देवर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. मृतक के परिजनों ने आरोपी भाई सुधीर ठाकुर के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कराने के लिए थाने में लिखित आवेदन दिया है, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सामाजिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच स्थायी समझौता करा दिया जाता, तो आज एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ने से बच जाता. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पारिवारिक व भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.
