Nawada Milk Production : नवादा जिला का एकमात्र दुग्ध शीतक केंद्र जिले भर के सभी रजिस्टर्ड समितियों से लीदूध खरीददारी कर रहा है. दिये गये विभागीय जानकारी के अनुसार जिले भर में 220 ज्यादा समितियां रजिस्टर्ड हैं. जिनमें 165 से अधिक समितियां दूध वर्तमान समय में उपलब्ध करा रही है. इन रजिस्टर्ड समितियां के द्वारा प्रतिदिन जिले में लगभग 15000 लीटर से ज्यादा दूध की उपलब्धता कराई जाती है. विभाग ने यह भी बताया कि महज 3 महीने में 10 लाख लीटर से ज्यादा दूध का क्रय समितियां के द्वारा किया गया.
हर महीने हो रहा 3 लाख लीटर से ज्यादा का क्रय
विभाग ने यह भी बताया कि प्रत्येक महीने 3 लाख लीटर से ज्यादा दूध का क्रय किया जा रहा है. विभाग ने बताया की जिले के 165 समिति में हज़ारों किसान जुड़े हुए है जों प्रतिदिन समितियों को दूध उपलब्ध करा रहे है.
ग्रामीण हो रहे हैं आत्मनिर्भर
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ग्रामीण काफी संख्या में दुग्ध उत्पादन से जुड़कर आत्मनिर्भर हो रहे हैं. वहीं जिले में कुल 220 से ज्यादा समितियां चलाई जा रही हैं जिससे हजारों किसान जुड़े हुए हैं और आत्मनिर्भर हो रखे हैं. वही इन समितियां में नए युवा जुड़कर आत्मनिर्भर हो रहे हैं. आत्मनिर्भरता के साथ किसान नए रोजगार से जुड़कर अच्छी आमदनी भी कर रहे हैं.
हर गांव में दूध उत्पादन समिति बनाने का है लक्ष्य
दुग्ध सीता केंद्र के अधिकारी राम लखन प्रसाद ने बताया कि जिले के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समितियां गठित की जा रही है शेष बचे हुए गांव में आने वाले समय में समितियां का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए विभागीय टीम काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से न सिर्फ दूध और मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा बल्कि कामों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. महिलाओं के भागीदारी और सामाजिक बदलाव आएगा. बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती भी मिलेगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
नवादा प्रपण सहायक राम लखन प्रसाद ने बताया कि, वर्तमान समय में 220 से अधिक समितियां कार्यरत है. जिसमें हजारों किसान जुड़े हुए हैं. प्रतिदिन नई-नई समितियों को रजिस्टर्ड करने का काम किया जा रहा है. जिससे और अधिक से अधिक युवा और दूध उत्पादन करने वाले दुग्ध उत्पादक इस व्यवसाय से जुड़कर अच्छी आमदनी कर सकें और आत्मनिर्भर बन सके. सरकार के इस प्रयास से काफी ज्यादा लोगों को लाभ मिल रहा है. वहीं जिले के सभी प्रखंड में समितियां चलाई जा रही है इच्छुक दोनों उत्पादक किसान समितियां से जुड़कर इस व्यवसाय में अच्छा अवसर हासिल कर सकते हैं.
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