अवैध नर्सिंग होम की बढ़ रही संख्या

Updated at : 28 Dec 2015 7:02 PM (IST)
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अवैध नर्सिंग होम की बढ़ रही संख्या

अवैध नर्सिंग होम की बढ़ रही संख्या कार्रवाई के लिए नहीं उठाया जा रहा कोई कदम राजगीर व नरहट रोड के क्लीनिकों में मरीजों की मौत के बाद हुआ था हंगामा प्रतिनिधि, हिसुआनगर पंचायत में इन दिनों अवैध तरीके चलने वाले नर्सिंग होम की संख्या बढ़ती जा रही है. साथ ही झोला छाप डाॅक्टरों की […]

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अवैध नर्सिंग होम की बढ़ रही संख्या कार्रवाई के लिए नहीं उठाया जा रहा कोई कदम राजगीर व नरहट रोड के क्लीनिकों में मरीजों की मौत के बाद हुआ था हंगामा प्रतिनिधि, हिसुआनगर पंचायत में इन दिनों अवैध तरीके चलने वाले नर्सिंग होम की संख्या बढ़ती जा रही है. साथ ही झोला छाप डाॅक्टरों की संख्या भी बढ़ी है. इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है. पर, इन नर्सिंग होम के संचालकों व डाॅक्टरों के विरुद्ध कदम नहीं उठाया जा रहा है़ राजगीर, नवादा व नरहट रोड में इसका जगह-जगह पर लगे बोर्ड इसके उदाहरण हैं. हालांकि, दो साल पहले प्रशासन ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया था और शहर के कई नर्सिंग होम की जांच करायी थी़ डीडीसी सहित टीम ने जांच की थी. लेकिन, लगातार जांच व छापेमारी नहीं होने से अवैध तरीके से कमाई करने वालों का मनोबल बढ़ रहा है़ ऐसे क्लीनिकों में मानका का कोई ख्याल नहीं रखा जाता है़ दक्ष सर्जन व मुर्छक के नहीं रहते भी ऑपरेशन का काम कर दिया जाता है़ मरीज की जान पर बन आती है़ नर्सिंग होम में मरीजों की मौत होने का मामला भी गरमा चुका है़ नरहट व राजगीर रोड के दो नर्सिंग होम में मरीजों की मौत के बाद हंगामा भी हुआ था, पर प्रशासन नहीं चेता़ नरहट रोड स्थित नर्सिंग होम की संचालिका जेल भी गयी थी़ इसके बावजूद मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले कई नर्सिंग होम चल रहे हैं. यहां विभिन्न प्रकार के आपरेशन कर दिये जा रहे हैं. प्रशासन द्वारा इस पर संज्ञान नहीं लिया जाता है़ झोला छाप चिकित्सकों की डिग्रियों की कभी जांच नहीं की जाती है़ दर्जनों की संख्या में बोर्ड शहर के मुख्य मार्गों पर लटके हैं. समाजसेवी व आम जनों का विरोधशहर में धड़ल्ले से अवैध रूप से नर्सिंग होम चल रहे हैं, जहां मासूम व अज्ञान मरीजों का जमकर शोषण किया जाता है़ बिचौलिये और दलालों के मायध्म से मरीज यहां लाये जा रहे हैं. उमेश यादव, खैराती बिगहा, हिसुआमानकता को नकारते हुए यहां नर्सिंग होम चलाये जा रहे हैं, पर प्रशासन द्वारा संज्ञान नहीं लिया जाता है़ हाल ही में नरहट रोड स्थित एक नर्सिंग होम में एक मरीज की जान गयी़ हंगामा भी हुआ बावजूद इसके नर्सिंग होम चलाये जा रहे हैं. मुकेश मांझी, कहरिया, हिसुआनर्सिंग होम व झोला छाप डाॅक्टरों के फलने-फूलने के पीछे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की भूमिका भी अहम है़ यहां चिकित्सकों की कमी, बिचौलिए का बोलबाला व समुचित इलाज नहीं होने से मरीज ऐसे जगहों पर जान के मजबूर होते हैं. राजीव लोचन, कंचनबाग, हिसुआइस पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर प्रशासन द्वारा अभियान चलाने की जरूरत है़ चल रहे अवैध नर्सिंग होम व चिकित्सालयों की मानकता की जांच होनी चाहिए़ पर, कोई पहल नहीं होती. रोहित कुमार पंकज, हिसुआ

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