बिहारशरीफ : स्थानीय व्यवहार न्यायालय के एसडीजेएम आरबीएस फरमान ने मारपीट मामले के आरोपित उदय सिंह को साक्ष्य सही पाते हुए दोषी करार करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया. आरोपित को परीविक्षा अधिनियम की धारा तीन का लाभ देते हुए डांट फटकार कर छोड़ दिया गया. इस मामले में एक अन्य आरोपित […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : स्थानीय व्यवहार न्यायालय के एसडीजेएम आरबीएस फरमान ने मारपीट मामले के आरोपित उदय सिंह को साक्ष्य सही पाते हुए दोषी करार करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया. आरोपित को परीविक्षा अधिनियम की धारा तीन का लाभ देते हुए डांट फटकार कर छोड़ दिया गया.
इस मामले में एक अन्य आरोपित बिहारी सिंह की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि पंकज सिंह, मनोज, राजेंद्र व घोलट सिंह को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया. एपीओ धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने अभियोजन पक्ष में बहस व चार साक्षी का परीक्षण किया था. सभी आरोपित व पीडि़त नूरसराय थाना क्षेत्र के निवासी हैं. पीडि़त राजेश कुमार के फर्दबयान पर नूरसराय थाने में मारपीट, गालीगलौज व संपत्ति नष्ट करने का आरोप दर्ज कराया था.
इसके अनुसार, आरोपित ने 15 सितंबर, 2001 को छह बजे संध्या में पीडि़त की मिठाई दुकान पर पहुंच उधार में पेड़ा मांगा. जबकि पहले के भी कर्ज को आरोपित ने नहीं चुकाया था. पहले का कर्ज मांगने पर आरोपियों ने पीडि़त और उसके चाचा तनीकन राउत के साथ गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडे से मारपीट की, जबकि चार हजार रुपये नकद भी लेकर चले गये. दुकान में तोड़फोड़ भी की.